उत्तर भारत के कई राज्यों में भारी बारिश और बाढ़ के कारण हालात गंभीर हैं। हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर में लोग और प्रशासन अलर्ट पर हैं।
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पंजाब के 11 जिले बाढ़ की चपेट में हैं, जिनमें प्रमुख हैं:
- फाजिल्का
- फिरोजपुर
- कपूरथला
- पठानकोट
- तरनतारन
- बरनाला
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 1,312 गांव बाढ़ से प्रभावित हो चुके हैं।
पंजाब और हरियाणा में जलभराव
- जालंधर और लुधियाना: कई इलाके 4 फीट तक पानी में डूब चुके हैं।
- अमृतसर: घोनेवाला में धुस्सी बांध टूटने से 15 किमी का इलाका बाढ़ की चपेट में आया।
- भाखड़ा डैम: गेट 4 फीट तक खोले गए।
हरियाणा में यमुनानगर, सिरसा, पंचकूला सहित 6 जिले बाढ़ जैसे हालात में हैं।
- हथिनीकुंड बैराज पर रात 2 बजे 1,05,000 क्यूसेक पानी आने के बाद सभी फ्लड गेट खोलने पड़े।
- सुबह 9 बजे जलस्तर 3,29,000 क्यूसेक दर्ज किया गया।
- सिरसा में 2 मकानों की दीवारें गिर गईं और 50 एकड़ फसल पानी में डूब गई।
- कैथल के सोंगल गांव में घरों में पानी घुस गया।
हिमाचल प्रदेश में भूस्खलन और मौतें
हिमाचल प्रदेश में रविवार से तेज बारिश जारी है।
- शिमला के कोटखाई, जुब्बल और जुन्गा: देर रात लैंडस्लाइड से 4 लोगों की मौत।
- मणिकर्ण घाटी (सरसाडी): पहाड़ी से बड़े पत्थर गिरने से भुंतर से मणिकर्ण सड़क बंद।
- हमीरपुर: रविवार शाम को सड़क पर विशाल पेड़ गिरा, हालांकि किसी को चोट नहीं आई।
- कुल्लू समेत 10 जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद।
- चंडीगढ़-मनाली फोरलेन और 800 से ज्यादा सड़कें बंद।
- सिरमौर जिले के ददाहू में गिरी नदी उफान पर, लोगों को घर खाली करने का आदेश।
जम्मू-कश्मीर में बाढ़ और लैंडस्लाइड
- राजौरी (गुंडी, बुधल): लैंडस्लाइड से लगभग 12 घर पूरी तरह क्षतिग्रस्त।
- रियासी: अचानक आई बाढ़ में मां-बेटा बह गए।
- डोडा (अस्सार): चिनाब नदी में अचानक बाढ़, 8 लोग बह गए लेकिन सभी को बचा लिया गया।
विशेषज्ञों की चेतावनी
- प्रशासन ने नागरिकों को सतर्क रहने और नदी किनारे या कमजोर ढांचों से दूर रहने की सलाह दी है।
- भारी बारिश और बाढ़ की स्थिति में बचाव दल सक्रिय हैं।
उत्तर भारत में मौसमी बदलाव और तेज बारिश ने जीवन और संपत्ति दोनों को खतरे में डाल दिया है। हिमाचल प्रदेश में लैंडस्लाइड, पंजाब-हरियाणा में बाढ़ और जम्मू-कश्मीर में अचानक आई बाढ़ ने हालात और गंभीर कर दिए हैं।





