BY
Yoganand Shrivastava
Noida दिल्ली से सटे नोएडा में रसोई गैस (LPG) की भारी किल्लत ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। आलम यह है कि लोग त्योहारों के सीजन में भी खुशियां मनाने के बजाय गैस एजेंसियों के बाहर लंबी कतारों में खड़े होने को मजबूर हैं। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि किल्लत का फायदा उठाकर कालाबाजारी करने वाले सक्रिय हो गए हैं और एक सिलेंडर 5 से 6 हजार रुपये तक की ऊँची कीमतों पर बेचा जा रहा है।
Noida नौकरी और दिहाड़ी छोड़ सिलेंडर की तलाश
गैस एजेंसियों के बाहर खड़े लोगों का दर्द साफ झलक रहा है। कई कामकाजी जोड़ों ने बताया कि वे ऑफिस जाने के बजाय सुबह से ही लाइन में लगे हैं, फिर भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। कुछ लोग पिछले 10 दिनों से लगातार चक्कर काट रहे हैं, लेकिन एक महीने पहले की गई बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल पा रहा है। सबसे बुरा हाल उन रेहड़ी-पटरी वालों का है जिनकी आजीविका पूरी तरह गैस पर टिकी है; ईंधन न होने से उनकी दैनिक कमाई बंद हो गई है।
Noida मिडिल ईस्ट संकट का असर: महंगी हुई चाय और नाश्ता
बाजार के जानकारों का कहना है कि अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गैस आपूर्ति श्रृंखला (Supply Chain) प्रभावित हुई है। इसका सीधा असर स्थानीय कीमतों पर दिख रहा है। सड़क किनारे मिलने वाली 5-10 रुपये की चाय अब 20 रुपये तक पहुंच गई है। दुकानदारों का तर्क है कि जब उन्हें ब्लैक में भारी कीमत चुकाकर गैस खरीदनी पड़ रही है, तो वे पुरानी कीमतों पर सामान कैसे बेच सकते हैं।
Noida प्रशासन की सख्ती और नए नियम
बढ़ती कालाबाजारी को रोकने के लिए सरकार ने छापेमारी तेज कर दी है और अवैध सिलेंडरों की जब्ती जारी है। इसके साथ ही पेट्रोलियम मंत्रालय ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए नियम कड़ा कर दिया है। अब जिन घरों में पाइप वाली गैस (PNG) का कनेक्शन है, उन्हें LPG सिलेंडर की सुविधा नहीं मिलेगी। जिनके पास दोनों कनेक्शन हैं, उन्हें तत्काल LPG सिलेंडर सरेंडर करने का आदेश दिया गया है। हालांकि, अधिकारियों को उम्मीद है कि वैश्विक तनाव कम होते ही आपूर्ति जल्द सामान्य हो जाएगी।
Read this: Delhi ईद पर देश में जश्न का माहौल: राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी सहित दिग्गज नेताओं ने दी मुबारकबाद





