Mohit Jain

कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत: अब नौकरी छोड़ने या निकाल दिए जाने के बाद महीनों तक इंतजार करने की जरूरत नहीं। नए लेबर कोड के लागू होने के साथ ही कंपनियों को फुल एंड फाइनल (FnF) का भुगतान सिर्फ दो वर्किंग डे के अंदर करना होगा। इसमें आपकी सैलरी, बची हुई छुट्टियों का पैसा और बाकी बकाया रकम शामिल होगी। हालांकि, ग्रेच्युटी जैसी राशि अभी भी निर्धारित नियमों के अनुसार दी जाएगी।
पहले का हाल:
पहले कंपनियों के पास FnF जारी करने के लिए 30 दिनों तक का समय होता था। अक्सर लीव एनकैशमेंट, पेंडिंग बोनस और अन्य बकाया राशि के कारण कर्मचारियों को हफ्तों तक इंतजार करना पड़ता था।

नए नियम का फायदा:
नए लेबर कोड के तहत, चाहे कर्मचारी स्वेच्छा से इस्तीफा दे, निकाला जाए, डिसमिस किया जाए या रिट्रेंचमेंट हो, 48 घंटे के भीतर FnF भुगतान अनिवार्य है। अब लंबा इंतजार खत्म होगा, कंपनियां वेतन रोक नहीं पाएंगी, नौकरी बदलना आसान होगा और आर्थिक असुरक्षा कम होगी।
सरकार के इस नए नियम से कंपनियों को अपनी HR और पे-रोल प्रक्रिया तेज और पारदर्शी बनानी होगी। देरी पर कार्रवाई भी संभव है, जिससे नियम और भी सख्त हो गया है।





