Isa Ahmad
REPORT- PREM SHRIVASTAVA
नवंबर माह में आयोजित की गई कई संवेदनशील गतिविधियाँ
मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता और सामाजिक संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए सामाजिक संस्था ‘जीवन’ ने नवंबर महीने में व्यापक मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता अभियान चलाया। इस अभियान में अर्ली चाइल्डहुड मेंटल हेल्थ अवेयरनेस मंथ, मेंस हेल्थ अवेयरनेस मंथ (Movember), नेशनल स्ट्रेस अवेयरनेस डे, वर्ल्ड काइंडनेस डे और इंटरनेशनल सर्वाइवर्स ऑफ सुसाइड डे जैसे महत्वपूर्ण अवसरों को केंद्र में रखा गया।
बच्चों के मानसिक विकास पर विशेष ध्यान
अर्ली चाइल्डहुड मेंटल हेल्थ अवेयरनेस मंथ के तहत जागरूकता कार्यक्रमों में विशेषज्ञों ने छोटे बच्चों के भावनात्मक और सामाजिक विकास पर विशेष रूप से चर्चा की।
कार्यक्रमों का मुख्य संदेश था-
- बच्चों को शुरुआती वर्षों में सुरक्षित, सहानुभूतिपूर्ण और सहयोगी वातावरण देना आवश्यक है।
- किसी भी व्यवहारगत बदलाव को समय रहते पहचानना और हस्तक्षेप करना मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है।
माता-पिता, शिक्षकों और देखभाल करने वालों के लिए उपयोगी मार्गदर्शन साझा किया गया।
पुरुषों के मानसिक स्वास्थ्य पर खुली चर्चा
मेंस हेल्थ अवेयरनेस मंथ के दौरान ‘जीवन’ ने पुरुषों में मानसिक स्वास्थ्य को लेकर मौजूद मिथक, झिझक और सामाजिक दबाव को कम करने पर फोकस किया।
संवाद सत्रों में प्रतिभागियों ने-
- कार्यस्थल का तनाव
- पारिवारिक जिम्मेदारियाँ
- मानसिक थकान
- अवसाद और चिंता
जैसे मुद्दों पर खुलकर बातचीत की।
तनाव प्रबंधन और दयालुता पर विशेष कार्यक्रम
नेशनल स्ट्रेस अवेयरनेस डे और वर्ल्ड काइंडनेस डे के अवसर पर ‘जीवन’ ने कई सामुदायिक कार्यक्रम आयोजित किए, जिनमें-
- तनाव प्रबंधन
- सकारात्मक सोच
- दयालु व्यवहार को दैनिक जीवन में शामिल करने
जैसे विषयों पर जागरूकता फैलाई गई।
सुसाइड सर्वाइवर्स के लिए भावनात्मक सहयोग
इंटरनेशनल सर्वाइवर्स ऑफ सुसाइड डे पर संस्था ने उन परिवारों के लिए भावनात्मक सहयोग सत्र आयोजित किए जो आत्महत्या के कारण अपने किसी प्रियजन को खो चुके हैं।
इन सत्रों में लोगों को अपनी भावनाएँ व्यक्त करने, दर्द साझा करने और मानसिक संतुलन पाने में मदद प्रदान की गई।
समाज में मानसिक स्वास्थ्य के प्रति बढ़ी जागरूकता
नवंबर माह भर हुए इन कार्यक्रमों ने सामुदायिक स्तर पर मानसिक स्वास्थ्य को लेकर महत्वपूर्ण संवाद और समझ बढ़ाने का काम किया। ‘जीवन’ की यह पहल समाज में मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक मजबूत कदम मानी जा रही है।





