BY
Yoganand Shrivastava
Nashik : खुद को ‘अंकज्योतिष’ (Numerology) का महापंडित बताकर महिलाओं का शोषण करने वाले अशोक खरात की असलियत उसकी मार्कशीट ने बयां कर दी है। जाँच में सामने आया है कि जिस गणित और अंकों के खेल से उसने करोड़ों की संपत्ति बनाई, उसी विषय में वह हाईस्कूल में फेल हो गया था।
Nashik मार्कशीट में अलग नाम और खराब प्रदर्शन
पुलिस द्वारा बरामद की गई मार्कशीट से दो बड़े खुलासे हुए हैं:
- नाम का फर्जीवाड़ा: मार्कशीट के अनुसार उसका असली नाम लक्ष्मण था, जिसे बाद में बदलकर उसने ‘अशोक खरात’ कर लिया।
- गणित में फेल: सिन्नर तालुका के वावी स्थित स्कूल के इस छात्र को 10वीं में गणित में महज 28 अंक मिले थे। उसे कुल 35.88% (251 अंक) प्राप्त हुए थे।
Nashik अंकशास्त्र का कोई प्रमाण नहीं, फिर भी करोड़ों का साम्राज्य
हैरानी की बात यह है कि खरात के पास अंकशास्त्री होने का कोई भी आधिकारिक प्रमाणपत्र नहीं मिला है। इसके बावजूद, उसने तंत्र-मंत्र का डर दिखाकर लोगों को लूटा। उसकी संपत्ति का ग्राफ भी संदेह के घेरे में है:
- 2024 का ‘चमत्कारी’ दान: वर्ष 2024 में उसके संस्थान को अचानक 76.91 लाख रुपये की भारी-भरकम दानराशि मिली।
- संपत्ति में उछाल: साल 2022 में जो संपत्ति 96 लाख रुपये थी, वह 2025 तक बढ़कर 1 करोड़ 81 लाख रुपये पहुँच गई।
Nashik मुख्यमंत्री ने विधानसभा में दी थी चेतावनी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए विधानसभा में जानकारी दी थी। उन्होंने बताया था कि खरात तंत्र-मंत्र और डर का जाल बुनकर महिलाओं को अपना शिकार बनाता था। पुलिस की मुस्तैदी के कारण वह देश छोड़कर भागने में असफल रहा।





