NASA: नासा ने आर्टिमेस II मिशन के तहत चार अंतरिक्ष यात्रियों को फ्लोरिडा से चंद्रमा के चारों ओर 10 दिन की यात्रा पर भेजा है। यह मिशन अमेरिका द्वारा इंसानों को चंद्रमा की सतह पर भेजने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, और चीन की संभावित मानवयुक्त लैंडिंग से पहले इसे रणनीतिक महत्व दिया गया है। मिशन में शामिल क्रू सदस्य पहले कभी इंसान द्वारा न पहुँची गई जगहों तक जाएंगे।
NASA: मिशन के अंतरिक्ष यात्री कौन हैं?
आर्टिमेस II मिशन में चार अंतरिक्ष यात्री हैं, जिनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल हैं। अमेरिकी नागरिक रीड वाइजमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और कनाडाई नागरिक जेरेमी हैनसेन इस टीम का हिस्सा हैं। ये अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की सतह पर नहीं उतरेंगे, बल्कि उसका परिक्रमा करेंगे।
NASA: ओरियन कैप्सूल और उड़ान प्रक्रिया
We’re honored to welcome @Annewilsonmusic as our National Anthem performer for Artemis II.
— NASA (@NASA) April 1, 2026
As America prepares to send astronauts around the Moon for the first time in over 50 years, her voice will help open this historic moment.
क्रू का ओरियन कैप्सूल पृथ्वी की निचली कक्षा में लगभग साढ़े तीन घंटे बाद SLS रॉकेट के ऊपरी चरण से अलग होगा। इसके बाद अंतरिक्ष यात्री मैन्युअल कंट्रोल के जरिए यान की स्टीयरिंग और नियंत्रण की जांच करेंगे।
NASA: इतिहास में सबसे ज्यादा दूरी तय करने वाले इंसान
आर्टिमेस II मिशन अपोलो युग के बाद पहली बार अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की निचली कक्षा से बाहर भेजता है। जब क्रू चंद्रमा के दूसरी तरफ पहुंचेगा, तो वे पृथ्वी से लगभग 4,50,000 किलोमीटर दूर होंगे, जो इतिहास में अब तक इंसान द्वारा तय की गई सबसे बड़ी दूरी होगी।
NASA: चंद्रमा के चारों ओर चक्कर लगाना
क्रू 25 घंटे तक पृथ्वी के चारों ओर ऊंची, अंडाकार कक्षा में चक्कर लगाएंगे। यह चरण मैन्युअल नियंत्रण और ऑटोमेटेड सिस्टम दोनों के परीक्षण के लिए इस्तेमाल होगा। ओरियन यान को ऊपरी चरण से करीब 10 मीटर की दूरी पर ले जाकर परीक्षण किया जाएगा।
NASA: फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी और मिशन का महत्व
योजना के अनुसार, ओरियन का मुख्य इंजन क्रू को चंद्रमा की ओर ‘फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी’ पर ले जाएगा। यह मार्ग गुरुत्वाकर्षण बल का उपयोग करके यान को सुरक्षित रूप से पृथ्वी पर वापस लाएगा। मिशन के दौरान अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से लगभग 406,000 किलोमीटर दूर होंगे।
NASA: नासा के SLS रॉकेट की बड़ी उपलब्धि
यह मिशन नासा के SLS रॉकेट के लिए महत्वपूर्ण सफलता है। 30 मंजिला ऊंचाई वाले इस सिस्टम को एक दशक से ज्यादा समय में तैयार किया गया, ताकि यह मानवयुक्त अंतरिक्ष यात्रियों को सुरक्षित रूप से गहरे अंतरिक्ष में ले जा सके। बार-बार देरी के बावजूद यह मिशन अब सफलतापूर्वक शुरू हो गया है।





