Mohit Jain
MP Weather Update: मध्य प्रदेश में मावठा गिरने और कोहरे के बाद एक बार फिर तेज सर्दी का दौर शुरू होने वाला है। मौसम विभाग भोपाल के अनुसार, 25 जनवरी से प्रदेश के न्यूनतम तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट दर्ज की जा सकती है। वहीं, शुक्रवार को प्रदेश के उत्तरी हिस्से में बारिश का भी अलर्ट जारी किया गया है।
MP Weather Update: ग्वालियर-दतिया समेत 7 जिलों में बारिश के आसार
मौसम विभाग के मुताबिक 23 जनवरी को ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर जिलों में हल्की बारिश होने की संभावना है। शुक्रवार को उत्तरी मध्यप्रदेश में बादल छाए रहेंगे और कहीं-कहीं बूंदाबांदी हो सकती है।

दो साइक्लोनिक सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय
फिलहाल पश्चिम-उत्तर भारत और उत्तर प्रदेश के ऊपर दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं। इसके साथ ही एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस का भी असर देखा जा रहा है। ये सभी सिस्टम आगे बढ़ रहे हैं, जिसका असर 24 जनवरी से मध्यप्रदेश के मौसम पर साफ दिखाई देगा।
MP Weather Update: सिस्टम बढ़ेंगे तो और गिरेगा तापमान
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, जैसे-जैसे ये सिस्टम आगे बढ़ेंगे, उत्तर से आने वाली ठंडी हवाएं तेज होंगी। इसका सीधा असर न्यूनतम तापमान पर पड़ेगा और पारा 2 से 3 डिग्री तक नीचे जा सकता है।

उत्तरी हिस्से में कोहरे का असर बरकरार
गुरुवार सुबह ग्वालियर, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर में मध्यम कोहरा छाया रहा। वहीं भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में हल्के कोहरे का असर देखा गया।
मंदसौर सबसे ठंडा, कई जिलों में 10 डिग्री से नीचे पारा
प्रदेश में मंगलवार-बुधवार की रात मंदसौर सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान 5.1 डिग्री दर्ज किया गया। राजगढ़ में 6.2, नौगांव में 7, शाजापुर में 7.1, दतिया में 7.9 और खजुराहो में 8 डिग्री तापमान रिकॉर्ड किया गया।
पांच बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा, जहां पारा 9 डिग्री रहा। भोपाल में 10.8, इंदौर में 12.2, उज्जैन में 12 और जबलपुर में 12.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
MP Weather Update: क्या होता है वेस्टर्न डिस्टरबेंस
मौसम विभाग के अनुसार वेस्टर्न डिस्टरबेंस पश्चिम से आने वाले बादल और हवाओं का सिस्टम होता है। इसके सक्रिय होने से पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी और मैदानी क्षेत्रों में बारिश होती है। सिस्टम गुजरने के बाद उत्तर से ठंडी हवाएं चलती हैं, जिससे ठंड और तेज हो जाती है।
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जनवरी क्यों होती है सबसे ठंडी
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि दिसंबर और जनवरी ठंड के लिहाज से सबसे अहम महीने होते हैं। इस दौरान उत्तर भारत से ठंडी हवाएं ज्यादा सक्रिय रहती हैं, जिससे तापमान में तेज गिरावट आती है। पिछले 10 साल के आंकड़े भी यही ट्रेंड दिखाते हैं।





