BY: MOHIT JAIN
भोपाल में शुक्रवार को तापमान 18 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मध्यप्रदेश में मानसून पूरी तरह विदा नहीं हुआ है, लेकिन ठंड का असर शुरू हो गया है। मालवा-निमाड़ यानी इंदौर-उज्जैन संभाग के शहर सबसे ठंडे हैं, जबकि भोपाल, ग्वालियर, चंबल और नर्मदापुरम संभाग में भी ठंड का प्रभाव देखा गया।
पहाड़ों में बर्फबारी से बदला हवा का रुख

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में हुई बर्फबारी के कारण हवा का रुख बदल गया है। उत्तर से ठंडी हवा आने से मध्यप्रदेश में भी ठंडक बढ़ी। गुरुवार-शुक्रवार की रात एमपी के 22 शहरों में न्यूनतम तापमान 20 डिग्री से नीचे दर्ज किया गया। सबसे ठंडा शहर राजगढ़ रहा, जहां तापमान 14.6 डिग्री था। इंदौर में 15.5 डिग्री, भोपाल में 18 डिग्री, उज्जैन में 18.5 डिग्री, ग्वालियर में 18.9 डिग्री और जबलपुर में 21 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
बारिश और मौसम का मिजाज
मौसम में हल्की बारिश का दौर भी जारी है। शुक्रवार को बालाघाट के मलाजखंड में करीब एक इंच बारिश दर्ज हुई। उमरिया, मंडला और सिवनी में भी मौसम बदला रहा। वहीं, भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और उज्जैन समेत कई जिलों में तेज धूप देखने को मिली। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 3 दिन तक पूर्वी हिस्से के जिलों में बूंदाबांदी की संभावना है, जबकि बाकी जिलों में मौसम साफ रहेगा।
40 से अधिक जिलों में लौट रहा मानसून
मध्यप्रदेश में मानसून की वापसी फिर से शुरू हो गई है। शुक्रवार को भोपाल, इंदौर, धार, बड़वानी, खरगोन, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, सीहोर, विदिशा, सागर, रायसेन, नर्मदापुरम, बैतूल समेत 30 से अधिक जिलों में मानसून लौट गया। सिंगरौली, सीधी, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, डिंडौरी, मंडला, बालाघाट, जबलपुर, छिंदवाड़ा और पांढुर्णा जैसे जिलों में अगले एक-दो दिन में मानसून पहुँचने की संभावना है। इससे पहले ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, शिवपुरी, गुना, आगर-मालवा, नीमच, मंदसौर और रतलाम में मानसून पूरी तरह विदा हो चुका था।





