BY: MOHIT JAIN
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मध्यप्रदेश में मानसून एक बार फिर रफ्तार पकड़ चुका है। राजधानी भोपाल समेत कई जिलों में लगातार बारिश हो रही है। बारिश के चलते भोपाल के पास कोलार डैम और कलियासोत डैम के गेट खोलने पड़े। यह सीजन में पहली बार है जब कोलार डैम के गेट खोले गए हैं। मौसम विभाग का अनुमान है कि सितंबर के आखिरी हफ्ते तक मानसून सक्रिय रहेगा और इस दौरान कई जगहों पर बारिश का सिलसिला जारी रहेगा।
भोपाल में खुले डैम के गेट
- भोपाल के पास स्थित कोलार डैम के दो गेट शनिवार को खोले गए।
- यह डैम सीहोर जिले में है, लेकिन राजधानी की लगभग 40% आबादी की पानी की जरूरत इसी से पूरी होती है।
- इसके अलावा, कलियासोत डैम के दो और भदभदा डैम का एक गेट भी खोला गया।
- अब सिर्फ केरवा डैम ही ऐसा है, जिसके गेट अभी तक नहीं खुले हैं।
कहां-कहां बरसी बारिश

शनिवार को प्रदेश के 25 से ज्यादा जिलों में बारिश दर्ज की गई।
- नर्मदापुरम में सबसे ज्यादा 1 इंच बारिश हुई।
- नरसिंहपुर, शिवपुरी और खरगोन में आधा इंच पानी गिरा।
- भोपाल, इंदौर, उज्जैन, धार, देवास, राजगढ़, सीहोर, विदिशा, शाजापुर, बालाघाट, गुना, डिंडौरी, रीवा समेत कई जिलों में भी अच्छी बारिश हुई।
बारिश के चलते सड़कों पर पानी भरने से लेकर धार्मिक स्थलों तक पर लोगों को भीगते देखा गया।
अभी दो सिस्टम एक्टिव
मौसम विभाग के अनुसार,
- उत्तर-पूर्वी ट्रफ इस समय प्रदेश से गुजर रही है।
- पूर्वी हिस्से में साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी एक्टिव है।
- इसके अलावा, कई जिलों में लोकल सिस्टम के चलते भी बारिश हो रही है।
रविवार को भी इन सिस्टम का असर जारी रहेगा। इसी कारण पूरे प्रदेश में हल्की बारिश का यलो अलर्ट जारी किया गया है।
औसत से ज्यादा बारिश
- 16 जून को मानसून की एंट्री के बाद अब तक प्रदेश में 43.6 इंच बारिश हो चुकी है।
- जबकि सामान्य तौर पर अब तक 36.1 इंच पानी गिरना चाहिए था।
- यानी 7.5 इंच ज्यादा पानी बरस चुका है।
- इस तरह एमपी में अब तक 118% बारिश दर्ज की जा चुकी है।
किन संभागों में स्थिति बेहतर और खराब?
- इंदौर और उज्जैन संभाग में इस बार मानसून कमजोर रहा। यहां बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा और शाजापुर जैसे जिलों में सबसे कम बारिश दर्ज हुई।
- वहीं, ग्वालियर-चंबल और सागर संभाग में मानसून ने खूब जोर दिखाया। ग्वालियर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, मुरैना, दतिया और श्योपुर जैसे जिलों में सामान्य से ज्यादा पानी गिरा है।
- पूर्वी एमपी यानी जबलपुर, रीवा और शहडोल संभाग में भी बारिश ने रिकॉर्ड तोड़े और कई जगह बाढ़ जैसे हालात बने।





