MP Congress News: प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस्तीफा नामंजूर किया
MP Congress News: मध्यप्रदेश कांग्रेस में आपसी खींचतान और गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई है। प्रवक्ताओं के चयन के लिए शुरू किए गए टैलेंट हंट कार्यक्रम को लेकर कांग्रेस के भीतर ही टकराव की स्थिति बन गई, जिसका नतीजा कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष मुकेश नायक के इस्तीफे के रूप में सामने आया। दरअसल, कांग्रेस मीडिया अध्यक्ष मुकेश नायक ने प्रवक्ताओं के चयन के लिए 13 सदस्यीय टैलेंट हंट कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी के तहत पूरे प्रदेश को 6 क्लस्टर में बांटकर चयन प्रक्रिया तय की गई थी।

लेकिन अब इस समिति को मीडिया और कम्युनिकेशन विभाग के प्रभारी महासचिव अभय तिवारी ने निरस्त कर दिया। इससे पहले 09 दिसंबर को संगठन प्रभारी महासचिव संजय कामले भी टैलेंट हंट के लिए अलग से कमेटी गठित कर चुके थे। एक ही काम के लिए अलग-अलग पदाधिकारियों द्वारा नियम और समितियां बनाए जाने से कांग्रेस में आपसी सामंजस्य की कमी साफतौर पर नजर आई।

MP Congress News: राहुल गांधी की नसीहत बेअसर
राहुल गांधी द्वारा संगठन में अनुशासन और एकजुटता को लेकर दी गई सख्त नसीहत के बावजूद मध्यप्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी थमने का नाम नहीं ले रही है। टैलेंट हंट विवाद ने एक बार फिर संगठनात्मक कमजोरी को उजागर कर दिया है।
MP Congress News: मुकेश नायक का इस्तीफा
विवाद के बाद मुकेश नायक ने कांग्रेस मीडिया विभाग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने अपना इस्तीफा प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी को सौंप दिया है। सूत्रों के मुताबिक, दीपक जोशी को लेकर दिए गए बयान के बाद प्रदेश कांग्रेस प्रभारी ने मुकेश नायक के टैलेंट हंट कार्यक्रम को रद्द कर दिया था। इसके बाद ही मुकेश नायक ने पद छोड़ने का फैसला लिया। इस घटनाक्रम ने प्रदेश कांग्रेस में चल रही अंदरूनी खींचतान को एक बार फिर सार्वजनिक कर दिया है और संगठन के सामने नई चुनौती खड़ी कर दी है।
MP Congress News: 2025 में MP कांग्रेस में गुटबाजी के प्रमुख मामले
- प्रदेश नेतृत्व बनाम पुराने दिग्गजों में तालमेल की कमी
प्रदेश अध्यक्ष और वरिष्ठ नेताओं के बीच रणनीति व फैसलों को लेकर मतभेद बार-बार सामने आए। - प्रवक्ता चयन (टैलेंट हंट) को लेकर विवाद
एक ही काम के लिए अलग-अलग महासचिवों और विभागों द्वारा कमेटियां बनाई गईं, बाद में उन्हें निरस्त किया गया। - मीडिया विभाग बनाम संगठन विभाग टकराव
मीडिया और कम्युनिकेशन फैसलों पर संगठन प्रभारी की आपत्ति, लेटर वार सार्वजनिक हुआ। - मुकेश नायक का इस्तीफा
टैलेंट हंट कार्यक्रम रद्द होने और बयान विवाद के बाद मीडिया विभाग अध्यक्ष ने पद छोड़ा। - दीपक जोशी को लेकर बयानबाजी
कुछ नेताओं के बयानों पर संगठन स्तर पर असहमति दिखी, अंदरूनी नाराजगी खुलकर सामने आई। - लोकसभा चुनाव समीक्षा को लेकर मतभेद
हार की जिम्मेदारी तय करने और रणनीति पर नेताओं के अलग-अलग बयान आए। - जिला अध्यक्षों की नियुक्ति पर विरोध
कई जिलों में नियुक्तियों को लेकर स्थानीय नेताओं ने खुलकर नाराजगी जताई। - विधानसभा टिकट वितरण की नाराजगी का असर
पुराने असंतुष्ट गुट सक्रिय रहे, संगठनात्मक बैठकों में भी असहमति दिखी। - सोशल मीडिया पर अंदरूनी बयानबाजी
कई नेताओं ने पार्टी लाइन से हटकर सोशल मीडिया पर अपनी बात रखी। - अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर दो राय
कुछ मामलों में कार्रवाई हुई, तो कुछ में ढील—इससे ‘पसंद-नापसंद’ का आरोप लगा। - राहुल गांधी की अनुशासन की नसीहत के बाद भी सुधार नहीं
एकजुटता पर जोर के बावजूद गुटबाजी की खबरें लगातार आती रहीं। - क्लस्टर सिस्टम और संगठनात्मक प्रयोगों पर असहमति
नए प्रयोगों को लेकर नेताओं के बीच स्पष्ट सहमति नहीं बन पाई।
MP Congress News: संपादकीय नजरिया:
मध्य प्रदेश कांग्रेस की सबसे बड़ी चुनौती विपक्ष नहीं, बल्कि उसकी आंतरिक एकजुटता बनती जा रही है। बार-बार सामने आ रही गुटबाजी और पदाधिकारियों के बीच टकराव से संगठन की साख कमजोर हुई है। टैलेंट हंट जैसे कार्यक्रमों पर लेटर वार और इस्तीफे यह दर्शाते हैं कि जिम्मेदारियों और अधिकारों की स्पष्टता का अभाव है। राहुल गांधी की अनुशासन और सामंजस्य की अपील के बावजूद हालात जस के तस हैं। यदि कांग्रेस को जनता के बीच विश्वसनीय विकल्प बनना है, तो पहले संगठन के भीतर संवाद, अनुशासन और सामूहिक नेतृत्व को मजबूत करना होगा।

