संवाददाता- प्रताप सिंह बघेल
Morena मुरैना जिले के जौरा जनपद क्षेत्र में विकास कार्यों में हो रही देरी और भ्रष्टाचार का मामला अब जिला प्रशासन की चौखट तक पहुँच गया है। जनपद अध्यक्ष ने सरपंचों के साथ मिलकर कलेक्टर से मुलाकात की और उपयंत्रियों की मनमानी व अवैध वसूली की गंभीर शिकायत दर्ज कराई है।
भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप: स्टीमेट से लेकर विजिट तक की वसूली
Morena जनपद अध्यक्ष नरेंद्र सिंह सिकरवार ने कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़ को सौंपे शिकायती आवेदन में बताया कि जनपद में पदस्थ उपयंत्री राजवीर परमार और जेपी आर्य ने विकास कार्यों को बंधक बना रखा है। आरोप है कि ये इंजीनियर बिना रिश्वत लिए कोई फाइल आगे नहीं बढ़ाते। सरपंचों का कहना है कि महज एक स्टीमेट तैयार करवाने के लिए भी एक हजार रुपये की मांग की जाती है और साइट विजिट के लिए उपयंत्री सरपंचों की गाड़ियों का उपयोग करते हैं।

तबादले के बाद भी ‘स्टे’ का खेल: कुर्सी छोड़ने को तैयार नहीं इंजीनियर
Morena शिकायत में एक बड़ा खुलासा यह भी हुआ है कि इन दोनों उपयंत्रियों का दो बार तबादला किया जा चुका है, लेकिन वे बार-बार न्यायालय से स्थगन (स्टे) लेकर एक ही स्थान पर जमे हुए हैं। जनपद अध्यक्ष का आरोप है कि स्थानांतरण के बावजूद यहाँ टिके रहने के पीछे उनका मकसद केवल अवैध उगाही और तानाशाही है। जनप्रतिनिधियों ने मांग की है कि ऐसे अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाना चाहिए।
कलेक्टर का आश्वासन: निष्पक्ष जांच के बाद होगी कार्रवाई
Morena कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचे सरपंचों और जनपद सदस्यों की व्यथा सुनने के बाद जिला कलेक्टर ने मामले को गंभीरता से लिया है। उन्होंने जनपद अध्यक्ष को आश्वस्त किया है कि इन शिकायतों की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। कलेक्टर ने स्पष्ट किया है कि यदि जांच में भ्रष्टाचार और कार्य में लापरवाही की पुष्टि होती है, तो संबंधित उपयंत्रियों के विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।





