BY: Yoganand Shrivastava
ग्वालियर: शहर में एक नाबालिग ड्राइवर की लापरवाही ने मंगलवार शाम को हड़कंप मचा दिया। नाबालिग की तेज रफ्तार कार ने लगातार कई गाड़ियों को टक्कर मार दी और रोकने की कोशिश कर रहे एक कॉन्स्टेबल को बोनट पर लटकाकर करीब 30 फीट तक घसीट ले गई। इस घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है।
पुलिस ने घटना के बाद नाबालिग को पकड़ लिया और अब उस पर गैर-इरादतन हत्या के प्रयास (Attempt to Murder) और सरकारी काम में बाधा डालने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
कैसे हुआ हादसा?
यह हादसा रेसकोर्स रोड के पास केशर मॉल के सामने उस समय हुआ जब ट्रैफिक पुलिस चेकिंग कर रही थी। नाबालिग ड्राइवर अपनी 3 साल की भांजी को इलाज के लिए कार से अस्पताल ले जा रहा था। पुलिस चेकिंग देखकर घबराया और तेज रफ्तार में कार भगाने लगा।
इस दौरान उसने स्कूटी सवार दंपती समेत कुल 6 वाहनों को टक्कर मार दी। ट्रैफिक कॉन्स्टेबल अतुल शर्मा ने जब कार को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी ने उन्हें भी टक्कर मार दी। कॉन्स्टेबल बोनट पर चिपक गए और करीब 30 फीट तक घसीटे गए।
घायल पुलिसकर्मी और महिला की हालत
घटना में कॉन्स्टेबल अतुल शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके सिर और पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसके चलते उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस विभाग ने उनके इलाज का पूरा खर्च उठाने का ऐलान किया है।
इसके अलावा एक महिला भी कार की चपेट में आकर घायल हुई है। उनका भी इलाज शहर के एक अस्पताल में चल रहा है।
लोगों ने घेरकर पकड़ा आरोपी
पुलिस और स्थानीय लोगों ने कार का पीछा कर उसे रोक लिया। इसके बाद आरोपी नाबालिग को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया गया। गुस्साए लोगों ने मौके पर उसकी पिटाई भी की।
पुलिस पूछताछ में पता चला कि आरोपी की उम्र 16 साल है। वह आर्मी से रिटायर एक सूबेदार का बेटा है।
पहले नोटिस पर छोड़ा था, अब गंभीर धाराओं में केस
हादसे के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके पर ही हिरासत में लेकर नोटिस पर छोड़ दिया था। हालांकि, घटना की गंभीरता को देखते हुए अब उस पर हत्या के प्रयास और सरकारी काम में बाधा डालने जैसी धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की उम्र से जुड़े दस्तावेज भी खंगाल रही है।
ग्वालियर की सड़कों पर काली फिल्म का बढ़ता चलन
घटना के बाद शहर में वाहनों पर काली फिल्म लगाने की प्रवृत्ति पर भी सवाल उठ रहे हैं। पुलिस कई बार ऐसे वाहनों पर कार्रवाई करती है, लेकिन लोग अक्सर पकड़े जाने पर काली फिल्म हटा देते हैं और बाद में फिर लगा लेते हैं। यह भी इस घटना का एक बड़ा कारण माना जा रहा है क्योंकि आरोपी की कार पर भी काली फिल्म लगी थी।
पुलिस का बयान
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह घटना बेहद गंभीर है। ट्रैफिक चेकिंग के दौरान सुरक्षा में चूक नहीं थी, लेकिन आरोपी की लापरवाही से यह हादसा हुआ। विभाग ने आरक्षक अतुल शर्मा के इलाज का पूरा खर्च वहन करने का निर्णय लिया है।





