Edit by: Priyanshi Soni
MCD bulldozer action Delhi: देश की राजधानी दिल्ली के तुर्कमान गेट स्थित फैज-ए-इलाही मस्जिद के पास अतिक्रमण हटाने के लिए दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) ने दिल्ली हाई कोर्ट के निर्देशों पर देर रात बुलडोजर कार्रवाई की।
MCD bulldozer action Delhi: स्थानीय लोगों का विरोध, भड़की भीड़
कार्रवाई शुरू होते ही स्थानीय लोगों ने विरोध किया, देखते ही देखते भीड़ उग्र हो गई और पुलिस व एमसीडी टीम पर पथराव कर दिया गया, जिससे इलाके में तनाव फैल गया।
MCD bulldozer action Delhi: पुलिस का हल्का बल प्रयोग
पथराव के बाद पुलिस ने स्थिति संभालते हुए हल्का बल प्रयोग किया और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। पुलिस के अनुसार फिलहाल हालात सामान्य हैं।
MCD bulldozer action Delhi: पांच पुलिसकर्मी घायल
हिंसक झड़प में कम से कम पांच पुलिसकर्मी घायल हुए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लेकर संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज की है।
MCD bulldozer action Delhi: क्या-क्या तोड़ा गया
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार मस्जिद के पास बने बरात घर के एक हिस्से, दो दुकानों और तीन डिस्पेंसरी पर बुलडोजर कार्रवाई की गई। साथ ही आसपास के अवैध अतिक्रमण को हटाया गया।
MCD bulldozer action Delhi: पुलिस अधिकारियों का बयान
सेंट्रल रेंज के ज्वाइंट सीपी मधुर वर्मा ने बताया कि कुछ उपद्रवियों ने पत्थरबाजी कर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की, लेकिन न्यूनतम बल प्रयोग से स्थिति पर तुरंत नियंत्रण पा लिया गया।

एमसीडी का पक्ष
दिल्ली नगर निगम के डीसी विवेक अग्रवाल ने कहा कि यह कार्रवाई लंबे समय से हाई कोर्ट में लंबित मामले में आदेश के तहत की गई है। लगभग 36,400 वर्ग फुट क्षेत्र से अतिक्रमण हटाया गया और मस्जिद की जमीन सुरक्षित है।
भारी मशीनरी तैनात
कार्रवाई के दौरान 32 जेसीबी, 4 पोकलेन मशीन, न्यूमेटिक हैमर और कई ट्रकों का इस्तेमाल किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधिकारी पूरी रात मौके पर मौजूद रहे।
हाई कोर्ट में मामला विचाराधीन
दिल्ली हाई कोर्ट ने मस्जिद प्रबंध समिति की याचिका पर नोटिस जारी करते हुए एमसीडी, डीडीए, पीडब्ल्यूडी और दिल्ली वक्फ बोर्ड से चार सप्ताह में जवाब मांगा है। अगली सुनवाई 22 अप्रैल को होगी।
याचिका में क्या मांग
याचिका में एमसीडी के 22 दिसंबर 2025 के आदेश को रद्द करने की मांग की गई है, जिसमें मस्जिद की 0.195 एकड़ जमीन छोड़कर बाकी सभी संरचनाओं को अवैध बताया गया है।
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