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Madhya Pradesh: सनातन व्यवस्था के संस्कार जीवन को संतुलित, स्वस्थ और मूल्यवान बनाने की है वैज्ञानिक पद्धति : मुख्यमंत्री डॉ. यादव

Madhya Pradesh

Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश के सभी आगामी शासकीय चिकित्सालयों में ‘गर्भ संस्कार कक्ष’ अनिवार्य रूप से बनाए जाएंगे। इसके साथ ही, प्रदेश के चिकित्सा विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में इस विषय के अध्ययन-अध्यापन की औपचारिक व्यवस्था की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पहल को कानूनी रूप देने के लिए जल्द ही गजट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, ताकि भावी पीढ़ी को जन्म से पूर्व ही शारीरिक और मानसिक रूप से सुदृढ़ बनाया जा सके।

प्राचीन परंपरा और आधुनिक विज्ञान का समन्वय

Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि गर्भ संस्कार केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित बनाने की एक पूर्ण वैज्ञानिक पद्धति है।

  • वैज्ञानिक आधार: आधुनिक शोधों का हवाला देते हुए उन्होंने बताया कि 5-6 माह का गर्भस्थ शिशु माँ की भावनाओं और बाहरी वातावरण से प्रभावित होने लगता है।
  • पौराणिक संदर्भ: महाभारत के अभिमन्यु का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि हमारे पूर्वज मानसिक और भावनात्मक विकास की गहरी समझ रखते थे।
  • आयुर्वेद की शक्ति: कोविड काल का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब पूरी दुनिया संकट में थी, तब आयुर्वेद की प्रक्रियाओं ने ही वैश्विक स्तर पर रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने में मदद की।

Madhya Pradesh श्रेष्ठ राष्ट्र निर्माण के लिए ‘मानव संपदा’ पर जोर

Madhya Pradesh कार्यक्रम में मौजूद अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य श्री भय्याजी जोशी ने भारतीय और पश्चिमी चिंतन के अंतर को स्पष्ट किया।

  • मनुष्य बनाम मशीन: उन्होंने कहा कि पश्चिमी दृष्टि मनुष्य को एक मशीन मानती है, जबकि भारतीय चिंतन उसे एक पूर्ण विकसित और सुसंस्कारित मानव बनाने पर केंद्रित है।
  • शक्ति और संस्कार: श्री जोशी के अनुसार, यदि शक्ति अयोग्य हाथों में चली जाए तो विनाश होता है, इसलिए शस्त्र के साथ शास्त्र और संस्कार अनिवार्य हैं।
  • सुपर राष्ट्र का विजन: उन्होंने कहा कि भारत केवल ‘सुपर पावर’ नहीं बल्कि एक ‘सुपर राष्ट्र’ बनेगा, जो अपने आध्यात्मिक और आत्मिक बल से विश्व का मार्गदर्शन करेगा।

इंदौर से शुरू होगा जनजागरण का महा-अभियान

Madhya Pradesh देवी अहिल्याबाई की नगरी इंदौर से इस पहल की शुरुआत को प्रतीकात्मक बताते हुए वक्ताओं ने इसे एक व्यापक आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

  • संकल्प: मुख्यमंत्री ने उपस्थित जनसमुदाय को गर्भ संस्कार के प्रचार-प्रसार और इसे समाज के हर वर्ग तक पहुँचाने का संकल्प दिलाया।
  • सम्मान: इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने पद्मश्री डॉ. नारायण व्यास का विशेष सम्मान किया।
  • उपस्थिति: कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित आरोग्य भारती के प्रतिनिधि और चिकित्सा जगत की दिग्गज हस्तियां मौजूद रहीं।

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