Report: Vijay tiwari
Madhya Pradesh रीवा: विंध्य क्षेत्र की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत में आज एक स्वर्णिम अध्याय जुड़ने जा रहा है। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव आज, 31 जनवरी को जिले के गुढ़ विधानसभा क्षेत्र अंतर्गत खमदीह गांव पहुँच रहे हैं। यहाँ वे नवनिर्मित ‘भैरवलोक’ का विधिवत उद्घाटन करेंगे। इस दौरान मुख्यमंत्री मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना के पश्चात धर्मध्वजा फहराएंगे और क्षेत्रवासियों को संबोधित करेंगे।
31 फीट की एकाश्म प्रतिमा और दुर्लभ शयन मुद्रा
Madhya Pradesh खमदीह के इस प्राचीन मंदिर का पुनर्विकास ‘भैरवलोक’ के रूप में किया गया है, जिसकी सबसे बड़ी विशेषता यहाँ स्थापित भगवान भैरव की विशाल प्रतिमा है।
- अद्वितीय शिल्प: लगभग 31 फीट ऊँची यह भव्य प्रतिमा एक ही विशाल पत्थर को तराश कर बनाई गई है (एकाश्म)।
- दुर्लभ मुद्रा: सामान्यतः भगवान भैरव की प्रतिमाएं खड़ी मुद्रा में होती हैं, लेकिन यहाँ उनकी ‘शयन मुद्रा’ वाली प्रतिमा स्थापित है, जो इसे देश के अन्य मंदिरों से अलग और विशिष्ट बनाती है।
धार्मिक पर्यटन और क्षेत्रीय विकास का नया केंद्र
Madhya Pradesh ‘भैरवलोक’ का निर्माण केवल आस्था तक सीमित नहीं है, बल्कि इसे एक प्रमुख पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है।
- प्राकृतिक सौंदर्य: पहाड़ियों और शांत परिवेश में स्थित यह स्थल अपनी आध्यात्मिक ऊर्जा से पर्यटकों को मंत्रमुग्ध कर रहा है।
- विकास की सौगात: लोकार्पण समारोह के मंच से मुख्यमंत्री क्षेत्र के लिए करोड़ों रुपये की विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और उद्घाटन भी करेंगे, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को गति मिलेगी।
आस्था का प्रतीक और मकर संक्रांति का ऐतिहासिक मेला
Madhya Pradesh खमदीह स्थित भैरवनाथ मंदिर सदियों से स्थानीय लोगों की अटूट श्रद्धा का केंद्र रहा है।
- सांस्कृतिक महत्व: यहाँ हर वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर विशाल मेले का आयोजन होता है, जिसमें रीवा समेत पड़ोसी जिलों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु जुटते हैं।
- विंध्य का गौरव: भैरवलोक के लोकार्पण के बाद यह स्थान उज्जैन के ‘महाकाल लोक’ की तर्ज पर विंध्य क्षेत्र की नई पहचान बनेगा, जिससे यहाँ साल भर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहेगी।
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