रामभक्ति को जन-जन तक पहुंचाने वाले महान संत
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि स्वामी श्री रामानन्दाचार्य जी मध्यकालीन भक्ति आंदोलन के ऐसे महान संत थे, जिन्होंने रामभक्ति को समाज के हर वर्ग तक पहुंचाया। उस दौर में जब समाज जाति और वर्ग के भेद से बंटा हुआ था, तब उन्होंने निर्भीक होकर यह संदेश दिया कि भक्ति पर किसी एक वर्ग का अधिकार नहीं है और प्रभु राम सभी के हैं। रामानंदी (वैरागी) संप्रदाय की स्थापना कर उन्होंने भक्ति को सरल, सहज और सर्वसुलभ बनाया।

सामाजिक समरसता और संत परंपरा की नींव
Madhya Pradesh मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वामी रामानन्दाचार्य जी केवल संत या दार्शनिक ही नहीं, बल्कि सामाजिक समरसता के प्रवर्तक और सांस्कृतिक चेतना के अग्रदूत थे। उनके शिष्यों में कबीरदास, रविदास, सेन नाई, धन्ना जाट और पीपा जैसे महान संत हुए, जिन्होंने समाज को नई दिशा दी। उनका स्पष्ट संदेश था कि मनुष्य की पहचान उसकी जाति से नहीं, बल्कि उसके कर्म और भक्ति से होती है।

जयंती समारोह और सनातन संस्कृति का संदेश
Madhya Pradesh स्वामी रामानन्दाचार्य जी महाराज की 726वीं जयंती पर उज्जैन में आयोजित कार्यक्रम को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के राजकीय विमानतल से वर्चुअली संबोधित किया। उन्होंने जयंती के सुव्यवस्थित आयोजन के लिए हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज देश में सनातन संस्कृति की चेतना नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में अयोध्या और उज्जैन जैसे तीर्थ श्रद्धा और आस्था के केंद्र बने हैं। कार्यक्रम में महंत रामेश्वर दास, महंत विनीत गिरी, महंत मंगलदास, महंत चरणदास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
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