BY
Yoganand Shrivastava
Lucknow : उत्तर प्रदेश की राजधानी में पिता की हत्या कर शव के टुकड़े करने वाले आरोपी बेटे अक्षत प्रताप सिंह ने पुलिस पूछताछ में ऐसे खुलासे किए हैं, जिन्हें सुनकर जांच अधिकारी भी दंग रह गए। पिता की हत्या करने के बाद आरोपी के चेहरे पर कोई शिकन नहीं थी, बल्कि उसने शव के बगल में बैठकर अपनी बहन के साथ भोजन किया। पुलिस अब इस पूरे मामले में परिवार के अन्य सदस्यों की भूमिका की भी बारीकी से जांच कर रही है।
Lucknow नफरत का इंतकाम: तड़पते पिता को देखता रहा बेटा
Lucknow पुलिस की पूछताछ में 21 वर्षीय अक्षत ने स्वीकार किया कि वह अपने पिता मानवेंद्र सिंह द्वारा दूसरी शादी करने की योजना से बेहद नाराज था।
- वारदात की रात: 20 फरवरी की भोर में करीब 4:30 बजे, जब मानवेंद्र सिंह गहरी नींद में थे, अक्षत ने पिता की ही लाइसेंसी राइफल से उनके सिर में गोली मार दी।
- संवेदनहीनता की पराकाष्ठा: गोली मारने के बाद अक्षत तब तक कमरे में खड़ा रहा जब तक पिता की सांसें नहीं थम गईं। उसने अपने पिता को तड़प-तड़प कर मरते हुए अपनी आंखों से देखा। इस दौरान उसकी बहन कृति भी घर में मौजूद थी।
क्रूरता: लाश के पास बैठकर खाया ‘नॉनवेज’
Lucknow हत्याकांड के बाद आरोपी का व्यवहार किसी पेशेवर अपराधी जैसा था। शव को ठिकाने लगाने की योजना बनाने के बीच उसने सामान्य जीवन जीने का ढोंग किया।
- भोजन का ऑर्डर: हत्या के बाद अक्षत अपनी चाची के पास गया और उनसे चिकन और पनीर की सब्जी बनवाई। इसके बाद वह घर आया और कमरे में पिता की लाश के पास बैठकर बहन के साथ मजे से खाना खाया।
- साजिश का हिस्सा: शव को छुपाने के लिए उसने बाजार से एक आरी और बड़ा नीला ड्रम खरीदा। उसने शव के टुकड़े किए और उन्हें ड्रम में भर दिया ताकि दुर्गंध न फैले।
बहन की भूमिका पर संदेह: हत्या के बाद भी देती रही एग्जाम
Lucknow इस पूरे केस में मृतक की बेटी और अक्षत की बहन कृति की भूमिका ने पुलिस को उलझा दिया है।
- सामान्य व्यवहार: जिस घर में पिता की लाश टुकड़ों में ड्रम के अंदर बंद थी, उसी घर से कृति लगातार अपनी परीक्षाएं देने कॉलेज जाती रही।
- खामोशी की वजह: पुलिस इस बात की तफ्तीश कर रही है कि क्या कृति इस पूरी साजिश में शामिल थी या वह अपने भाई के डर की वजह से चुप रही। दोनों भाई-बहन अपनी चाची से भी सामान्य रूप से मिलते रहे ताकि उन्हें कमरे के अंदर छिपे ‘खौफनाक सच’ का पता न चल सके।





