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जयप्रकाश एसोसिएट्स अधिग्रहण: अदानी, वेदांता, जिंदल समेत 5 कंपनियों ने लगाई बोली | जानिए पूरी जानकारी

जयप्रकाश एसोसिएट्स दिवालिया

वित्तीय संकट से जूझ रही इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट कंपनी जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड (JAL) के अधिग्रहण के लिए बड़ी कंपनियों की दिलचस्पी देखने को मिली है। कंपनी ने पुष्टि की है कि उसे पूरी कंपनी के अधिग्रहण के लिए कुल 5 बोलियां प्राप्त हुई हैं।

🔑 मुख्य बातें:

  • जयप्रकाश एसोसिएट्स के अधिग्रहण के लिए 5 कंपनियों ने प्रस्ताव दिए
  • सूत्रों के मुताबिक अदानी एंटरप्राइजेज, वेदांता, जिंदल पावर समेत बड़ी कंपनियां दौड़ में
  • कंपनी पर करीब ₹57,185 करोड़ का कर्ज, जिसकी अदायगी न होने पर दिवालिया प्रक्रिया शुरू हुई

क्या है पूरा मामला?

जयप्रकाश एसोसिएट्स ने एक रेगुलेटरी फाइलिंग में बताया कि कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी रिज़ॉल्यूशन प्रोसेस (CIRP) के तहत कंपनी के अधिग्रहण के लिए 5 प्रस्ताव आए हैं। इन प्रस्तावों के साथ ज़रूरी अर्नेस्ट मनी भी जमा की गई है।

कंपनी ने अपने बयान में कहा:

“हम आपको सूचित करना चाहते हैं कि जयप्रकाश एसोसिएट्स लिमिटेड की कॉरपोरेट इनसॉल्वेंसी प्रक्रिया के तहत जारी अनुरोध के जवाब में कुल 5 प्रस्ताव समय सीमा के भीतर प्राप्त हुए हैं।”


कौन-कौन हैं दावेदार?

हालांकि, कंपनी ने आधिकारिक तौर पर बोली लगाने वालों के नाम सार्वजनिक नहीं किए हैं, लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार निम्नलिखित कंपनियों ने रुचि दिखाई है:

  • अदानी एंटरप्राइजेज
  • वेदांता लिमिटेड
  • दलमिया भारत सीमेंट
  • जिंदल पावर
  • PNC इंफ्राटेक

बताया जा रहा है कि सुरक्षा ग्रुप द्वारा अधिग्रहित जयपी इंफ्राटेक की प्रस्तावित योजना को खारिज कर दिया गया है क्योंकि वह निर्धारित मानदंडों को पूरा नहीं कर पाई।


दिवालिया कैसे हुई जयप्रकाश एसोसिएट्स?

जयप्रकाश एसोसिएट्स रियल एस्टेट, सीमेंट निर्माण, हॉस्पिटैलिटी और इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी पर भारी कर्ज था, जिसकी अदायगी न कर पाने के कारण 3 जून 2024 को नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (NCLT) की इलाहाबाद बेंच ने CIRP शुरू करने का आदेश दिया।

कितनी बड़ी है कर्ज की रकम?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, कंपनी पर कुल कर्ज़ ₹57,185 करोड़ तक पहुंच गया है।


पहले कितनी कंपनियों ने दिखाई थी रुचि?

इससे पहले अप्रैल 2025 में करीब 25 कंपनियों ने जयप्रकाश एसोसिएट्स में दिलचस्पी दिखाई थी। लेकिन अंतिम रूप से केवल 5 कंपनियों ने प्रस्ताव जमा किए हैं।


क्या आगे होगा?

बुधवार को कंपनी के लेनदारों ने इन प्रस्तावों को खोलकर उनकी समीक्षा की। अब चयन प्रक्रिया के तहत सबसे बेहतर प्रस्ताव को आगे बढ़ाया जाएगा ताकि कंपनी की वित्तीय स्थिति सुधारी जा सके।


निष्कर्ष

जयप्रकाश एसोसिएट्स की वित्तीय स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं। अगर अदानी, वेदांता, जिंदल जैसी बड़ी कंपनियों में से कोई इसका अधिग्रहण करती है, तो इससे न केवल कंपनी को राहत मिलेगी, बल्कि इससे इंफ्रास्ट्रक्चर और रियल एस्टेट सेक्टर में भी बड़ा संदेश जाएगा।

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