Rahul Gandhi Digital Satyagraha पर BJP ने उठाए सवाल
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने देशभर में चल रहे अलग-अलग मुद्दों से जुड़े आंदोलनों और संघर्षों को एक मंच पर लाने के लिए ‘सत्याग्रह’ नाम से डिजिटल प्लेटफॉर्म लॉन्च किया है। इस प्लेटफॉर्म के जरिए लोग अपनी समस्याओं और आंदोलनों से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन साझा कर सकते हैं। राहुल गांधी ने कहा है कि अलग-अलग जगहों पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे लोगों की आवाज को एक साथ लाने का प्रयास किया जा रहा है।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha को लेकर BJP नेता ने गांधीवादी सत्याग्रह का दिया हवाला
राहुल गांधी के इस डिजिटल अभियान पर BJP की ओर से सवाल उठाए गए हैं। BJP नेता ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्याग्रह सत्य और स्वयं कष्ट सहने के सिद्धांत पर आधारित आंदोलन था। उनके मुताबिक सत्याग्रह का अर्थ संघर्ष और त्याग से जुड़ा था, जबकि डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए ऑनलाइन शिकायत या आंदोलन दर्ज कराने को उसी परंपरा से जोड़ना उचित नहीं है।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha पर ‘Work From Home’ वाला तंज
BJP नेता ने राहुल गांधी के डिजिटल सत्याग्रह को लेकर ‘Work From Home’ का तंज कसा। उन्होंने कहा कि सत्याग्रह ‘क्लिक’ से नहीं बल्कि ‘त्याग’ से चलता था। BJP नेता के मुताबिक केवल ‘Submit’ बटन दबाने से आंदोलन नहीं हो सकता और जनता के मुद्दों के लिए जमीन पर उतरकर संघर्ष करना जरूरी है।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha में ऑनलाइन शिकायतों को लेकर सवाल
BJP की ओर से यह भी सवाल उठाया गया कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर जनता अपनी समस्या दर्ज करेगी और इसके बाद कांग्रेस तय करेगी कि किस मुद्दे को लेकर जमीन पर आंदोलन करना है। हालांकि कांग्रेस के मुताबिक प्लेटफॉर्म का उद्देश्य अलग-अलग जगहों पर चल रहे आंदोलनों की जानकारी जुटाना, उन्हें जोड़ना और जरूरत पड़ने पर सहयोग उपलब्ध कराना है। राहुल गांधी ने कहा है कि प्लेटफॉर्म पर भेजी गई हर जानकारी को पढ़ा जाएगा और जरूरत पड़ने पर संबंधित लोगों से संपर्क किया जाएगा।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha में डेटा प्राइवेसी पर BJP का सवाल
BJP नेता ने डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लोगों की ओर से साझा की जाने वाली जानकारी और डेटा की गोपनीयता को लेकर भी सवाल उठाया। उन्होंने राहुल गांधी से पूछा कि ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने वाले लोगों के व्यक्तिगत डेटा की सुरक्षा और गोपनीयता की क्या गारंटी है। यह सवाल ऐसे समय में उठाया गया है जब कांग्रेस का नया प्लेटफॉर्म लोगों को अपने संघर्ष और आंदोलनों से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन दर्ज करने के लिए आमंत्रित कर रहा है।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha पर BJP ने महात्मा गांधी का नाम लेकर साधा निशाना
BJP नेता ने कहा कि महात्मा गांधी का सत्याग्रह देश की आजादी के आंदोलन से जुड़ा था, जबकि राहुल गांधी का डिजिटल सत्याग्रह राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित है। यह BJP की ओर से की गई राजनीतिक आलोचना है। कांग्रेस की तरफ से इस पहल को नागरिकों के संघर्षों और मुद्दा-आधारित आंदोलनों को एकजुट करने का माध्यम बताया गया है।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha में शिक्षा, किसान और सामाजिक मुद्दे भी शामिल
राहुल गांधी के लॉन्च किए गए प्लेटफॉर्म पर शिक्षा, भ्रष्टाचार, सामाजिक न्याय, किसान, मजदूर, स्वास्थ्य, महिला सुरक्षा, जमीन और पर्यावरण जैसे मुद्दों से जुड़ी शिकायतें और आंदोलनों की जानकारी साझा की जा सकती है। कांग्रेस का कहना है कि इसका उद्देश्य अलग-अलग जगहों पर चल रहे संघर्षों को एक-दूसरे से जोड़ना और उनकी आवाज को व्यापक स्तर पर सामने लाना है।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha पर सियासी वार-पलटवार जारी
राहुल गांधी के डिजिटल प्लेटफॉर्म को लेकर BJP और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बहस शुरू हो गई है। BJP इसे लेकर सवाल उठा रही है कि क्या ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए आंदोलन की वास्तविक ताकत पैदा की जा सकती है, जबकि कांग्रेस इसे देशभर के आंदोलनों को जोड़ने की नई पहल बता रही है। आने वाले दिनों में इस प्लेटफॉर्म के जरिए कितने आंदोलनों को जोड़ा जाता है और कांग्रेस उन मुद्दों पर किस तरह आगे बढ़ती है, इस पर नजर रहेगी।
Rahul Gandhi Digital Satyagraha को लेकर BJP नेता ने ‘फ्लॉप शो’ का दावा किया
BJP नेता ने अपने बयान के अंत में दावा किया कि जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और राहुल गांधी का यह डिजिटल सत्याग्रह भी पिछले चुनावों की तरह असफल साबित होगा। यह BJP नेता का राजनीतिक दावा है, जिसकी स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकती। वहीं कांग्रेस इस पहल को जनता के संघर्षों को एक मंच देने की कोशिश के तौर पर पेश कर रही है।
Read more : Chanakya Niti: इन 5 बातों को हर किसी से शेयर करने की गलती न करें, वरना बढ़ सकती हैं मुश्किलें


