BY: MOHIT JAIN
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इजरायल और गाजा के बीच जारी संघर्ष के चलते इटली में पीएम जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ बड़े पैमाने पर प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। रोम और मिलान सहित कई शहरों में हिंसा और तोड़फोड़ की खबरें सामने आई हैं। प्रदर्शनकारियों ने ट्रेन रोकी, पोर्ट बंद किए और पुलिस से भी झड़प की।
क्यों हो रहे हैं प्रदर्शन?

- हाल ही में फ्रांस ने फिलिस्तीन को एक स्वतंत्र राष्ट्र के रूप में मान्यता दी है।
- ब्रिटेन, कनाडा, ऑस्ट्रेलिया और पुर्तगाल ने भी इसी सप्ताह फिलिस्तीन को मान्यता दी।
- इजरायल, अमेरिका और इटली ने फिलिस्तीन को अब तक मान्यता नहीं दी है।
- इस वजह से इटली में पीएम जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ हिंसक प्रदर्शन शुरू हो गए हैं।
प्रदर्शन में क्या हुआ?
- मिलान के सेंट्रल ट्रेन स्टेशन में सैकड़ों प्रदर्शनकारी काले कपड़े पहनकर घुसे।
- प्रदर्शनकारियों ने स्मोक बम, बोतलें और पत्थर फेंके।
- सरकारी इमारतों और रेलवे स्टेशन में आगजनी और तोड़फोड़ हुई।
- पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को काबू में करने के लिए वॉटर कैनन और अन्य उपाय किए।
- हिंसक झड़प में 60 से ज्यादा पुलिसकर्मी घायल हुए और 10 प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।
गाजा के समर्थन में मांग
- प्रदर्शनकारी गाजा के समर्थन में तुरंत युद्धविराम की मांग कर रहे हैं।
- नेपल्स सिटी जैसे पोर्ट टाउन में सड़क और रेलवे जाम किए गए।
- इटली की सरकार पर प्रदर्शन के जरिए दबाव बनाने की कोशिश की जा रही है।
फिलिस्तीन को मान्यता देने वाले देश
- फिलिस्तीन को अब तक भारत, फ्रांस, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, ब्रिटेन और सऊदी अरब समेत 152 देशों ने मान्यता दी है।
- यूएन के कुल सदस्यों में से लगभग 78% देशों ने फिलिस्तीन को मान्यता दी है।
- इजरायल, अमेरिका, इटली और जापान फिलिस्तीन को मान्यता नहीं देते हैं।
इटली में पीएम जॉर्जिया मेलोनी के खिलाफ फिलिस्तीन समर्थक प्रदर्शन बढ़ते जा रहे हैं। गाजा संघर्ष को लेकर बढ़ते दबाव और हिंसक प्रदर्शन के कारण इटली की ट्रेनों और पोर्ट संचालन पर असर पड़ा है।





