Mohit Jain
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) आज भारतीय नौसेना के सबसे उन्नत संचार उपग्रह GSAT-7R (CMS-03) का प्रक्षेपण करने जा रहा है। यह लॉन्च श्रीहरिकोटा से शाम 5 बजकर 26 मिनट पर होगा। इस मिशन में इसरो का शक्तिशाली रॉकेट LVM3-M5, जिसे ‘बाहुबली’ कहा जाता है, उपयोग किया जाएगा।
‘बाहुबली’ से होगा लॉन्च

लगभग 4,410 किलोग्राम वजनी यह उपग्रह भारत की धरती से भू-समकालिक स्थानांतरण कक्षा (GTO) में प्रक्षेपित किया जाने वाला सबसे भारी कम्युनिकेशन सैटेलाइट होगा। LVM3-M5 तीन चरणों वाला लॉन्च व्हीकल है इसमें दो सॉलिड मोटर स्ट्रैप-ऑन, एक लिक्विड कोर स्टेज और एक क्रायोजेनिक स्टेज शामिल है। इसकी भारी भार वहन क्षमता के कारण इसे ‘बाहुबली रॉकेट’ कहा जाता है।
नौसेना की संचार क्षमता होगी मजबूत
ISRO के मुताबिक, CMS-03 उपग्रह भारतीय नौसेना की स्पेस-बेस्ड कम्युनिकेशन और मैरीटाइम डोमेन अवेयरनेस (Maritime Domain Awareness) क्षमता को बढ़ाएगा। इसके जरिये नौसेना को समुद्री इलाकों में रीयल-टाइम जानकारी और बेहतर संचार नेटवर्क मिलेगा।
ISRO की पांचवीं अभियानगत उड़ान
यह मिशन इसरो के LVM3 रॉकेट की पांचवीं अभियानगत उड़ान है। इससे पहले इसी रॉकेट से चंद्रयान-3 को लॉन्च किया गया था, जिसने भारत को चंद्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर सफल लैंडिंग कराने वाला पहला देश बनाया था।
Launch Day for #LVM3M5. India’s heavy-lift rocket launches #CMS03 today at 17:26 IST.
— ISRO (@isro) November 2, 2025
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🗓️ 2 Nov 2025 (Sunday)
🕔 4:56 PM IST onwards
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2023 के बाद सबसे बड़ा लॉन्च
इससे पहले इसरो ने दिसंबर 2018 में फ्रेंच गुयाना से GSAT-11 (5,854 किलोग्राम) लॉन्च किया था, जो अब तक का सबसे भारी उपग्रह था। आज का CMS-03 लॉन्च इसरो की अंतरिक्ष क्षमताओं को और मजबूती देगा और यह देश की सुरक्षा और तकनीकी प्रगति की दिशा में एक और बड़ा कदम साबित होगा।





