भारत के अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) ने श्रीहरिकोटा के सतीश धवन अंतरिक्ष केंद्र से अपना 100वां मिशन सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह लॉन्च बुधवार सुबह 6:23 बजे GSLV-F15 रॉकेट के जरिए हुआ, जिसमें नेविगेशन सैटेलाइट NVS-02 को अंतरिक्ष में भेजा गया।

मिशन की सफलता
इसरो ने बताया कि यह मिशन पूरी तरह सफल रहा। इसके साथ ही भारत की अंतरिक्ष नेविगेशन प्रणाली अब एक नए स्तर पर पहुंच गई है। इस लॉन्च को देखने के लिए कई छात्र भी मौके पर मौजूद थे।
NVS-02 सैटेलाइट की जानकारी
NVS-02 सैटेलाइट का वजन लगभग 2,250 किलोग्राम है। इसका डिज़ाइन और विकास इसरो के यूआर सैटेलाइट सेंटर ने किया है। यह सैटेलाइट समय और स्थान की सही जानकारी देने में मदद करेगा।
केंद्रीय मंत्री की बधाई
इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने इसरो को बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस सफलता के साथ भारत को गर्व है और यह हमारी एक बड़ी जीत है।
— Dr Jitendra Singh (@DrJitendraSingh) January 29, 2025
मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने टीम इसरो को दी बधाई
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने जीएसएलवी-एफ-15 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट एनवीएस-02 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर 100वें मिशन को पूर्ण करने पर इसरो के सभी वैज्ञानिकों और देशवासियों को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं दीं हैं। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने इस उपलब्धि को इसरो के कीर्तिमान का शतक निरूपित करते कहा कि यह मिशन देश की नेविगेशनल क्षमताओं को मजबूती और निजी तथा रक्षा क्षेत्रों में नेविगेशन सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
#ISRO के कीर्तिमान का शतक…@isro ने GSLV-F15 रॉकेट के जरिए नेविगेशन सैटेलाइट NVS-02 को सफलतापूर्वक लॉन्च कर अपने 100वें मिशन को पूर्ण किया।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) January 29, 2025
यह मिशन देश की नेविगेशनल क्षमताओं को मजबूती, निजी तथा रक्षा क्षेत्रों में नेविगेशन सेवाएं प्रदान करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इस… pic.twitter.com/QIwSl1Nkpp
सैटेलाइट का उद्देश्य
GSLV-F15 / NVS-02 मिशन से परिवहन और नेविगेशन में मदद मिलेगी। हवाई और समुद्री यातायात के साथ-साथ यह भारतीय सेना के लिए भी उपयोगी होगा। यह सैटेलाइट भारत के बाहर 1,500 किलोमीटर तक की सटीक जानकारी प्रदान करेगा।
यह मिशन भारत की नेविगेशन सेवा को और मजबूत करने के लिए लॉन्च किया गया है।





