BY
Yoganand Shrivastava
ईरान में बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ जनता का गुस्सा हाल के दिनों में सड़कों पर उतर आया है। पिछले पांच दिनों में कई शहरों में सत्ता-विरोधी प्रदर्शन हुए, जिनमें अब तक कम से कम 7 लोगों की मौत की खबर है। प्रदर्शनकारियों और सुरक्षा बलों के बीच झड़पें भी हुईं।
ट्रंप ने प्रदर्शनकारियों का समर्थन किया
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म “ट्रूथ सोशल” पर ईरानी प्रदर्शनकारियों का खुलकर समर्थन किया। उन्होंने ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामनेई और सुरक्षा बलों को चेतावनी दी कि अगर शांतिप्रिय प्रदर्शनकारियों को निशाना बनाया गया, तो अमेरिका उनके बचाव के लिए तैयार है।
अमेरिका की सैन्य तैयारी का इशारा
ट्रंप ने लिखा कि अमेरिका “लॉक और लोडेड” है, यानी मिसाइल तैयार हैं और आवश्यक कार्रवाई के लिए तैयार है। उनका कहना था कि यह चेतावनी ईरानी नेतृत्व को ध्यान में रखने के लिए है।
विरोध प्रदर्शन का माहौल
विरोध प्रदर्शन विशेष रूप से लोरेस्टन प्रांत के अजना शहर में हिंसक रूप ले चुके हैं। यहां कम से कम 3 लोग मारे गए और 17 घायल हुए। प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर आगजनी की और “तानाशाह मुर्दाबाद” जैसे नारे लगाए। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल हुए हैं जिनमें गोलियों की आवाज और सड़क पर बवाल देखा गया।
आर्थिक संकट मुख्य कारण
ईरान में करेंसी का मूल्य लगातार गिर रहा है; 1 अमेरिकी डॉलर की कीमत अब लगभग 14 लाख रियाल है। बेरोजगारी और महंगाई के चलते लोगों का गुस्सा बढ़ गया है। कई प्रदर्शनकारियों ने खामनेई के शासन को खत्म करने और कुछ ने राजशाही पुनः स्थापित करने की मांग भी की है।
अगले कदम पर नजर
यह विरोध प्रदर्शन लगातार बढ़ रहा है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी घटनाओं पर नजर बनाए हुए है। ट्रंप का बयान और अमेरिकी सैन्य तैयारी ईरानी सरकार के लिए अतिरिक्त दबाव बन सकती है।





