BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट और राज्य न्यायिक अकादमी की ओर से डेनमार्क के पेटेंट एंड ट्रेडमार्क ऑफिस के सहयोग से इंदौर में एक अंतरराष्ट्रीय सेमिनार की शुरुआत हुई। यह कार्यक्रम 11 अक्टूबर से ब्रिलिएंट कन्वेंशन सेंटर में दो दिनों तक आयोजित किया जा रहा है।
इस सेमिनार का विषय है —
“विकासशील क्षितिज: डिजिटल दुनिया में वाणिज्यिक और मध्यस्थता कानून की जटिलता और नवाचार।”
सीएम और सुप्रीम कोर्ट जजों की मौजूदगी में हुई शुरुआत
कार्यक्रम का शुभारंभ शनिवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने किया। उनके साथ सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जितेन्द्र कुमार माहेश्वरी, अहसानुद्दीन अमानुल्लाह, राजेश बिंदल और अरविंद कुमार भी मंच पर मौजूद रहे। उद्घाटन सत्र की शुरुआत दीप प्रज्ज्वलन के साथ की गई।
डिजिटल युग में बदलते कानूनों को समझने का मंच
सेमिनार का मुख्य उद्देश्य वकीलों, जजों और विधि छात्रों को यह समझाना है कि डिजिटल तकनीक, डेटा-आधारित व्यापार और अंतरराष्ट्रीय लेन-देन के चलते कानून में किस तरह के नए बदलाव और चुनौतियाँ सामने आ रही हैं। इसके साथ ही, यह सेमिनार भारत और यूरोपीय देशों के न्यायिक सिस्टम के बीच सहयोग बढ़ाने की दिशा में भी एक कदम माना जा रहा है।
प्रमुख अतिथि और विशेषज्ञों की मौजूदगी
कार्यक्रम में कई नामी हस्तियां शामिल हुईं, जिनमें —
- मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा
- भारत के सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता
- और डेनमार्क से आए अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञ जैसे मारिया स्कु, एरलिंग वेस्टर्गार्ड, मत्तियास कार्लसन, डॉ. क्रिश्चियन बर्गक्विस्ट, पेटर पेत्रोव और डॉ. लुइज बोइसन शामिल रहे।
सेमिनार के दौरान होंगे छह तकनीकी सत्र
दो दिनों तक चलने वाली इस संगोष्ठी में कुल 6 तकनीकी सत्र आयोजित किए जाएंगे, जिनमें निम्न विषयों पर चर्चा होगी —
- नई तकनीकों के साथ बदलते व्यापारिक कानून
- इंटरनेट कंपनियों की जिम्मेदारी
- ऑनलाइन बाजार में समान अवसर
- भारत और यूरोप के दृष्टिकोण से मध्यस्थता कानून
- डिजिटल प्लेटफॉर्म पर बढ़ते अपराध
- बौद्धिक संपदा और नवाचार के नए आयाम
इन सत्रों में देश-विदेश के जज, वकील और विशेषज्ञ अपने अनुभव साझा कर रहे हैं।
रविवार को होगा समापन सत्र
सेमिनार का समापन सत्र 12 अक्टूबर (रविवार) को आयोजित होगा। इसमें मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश संजीव सचदेवा और अन्य वरिष्ठ न्यायाधीश शामिल होंगे। अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि भी इस सत्र का हिस्सा बनेंगे।





