Mohit Jain
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच महिला वनडे वर्ल्ड कप 2025 का फाइनल मुकाबला आज नवी मुंबई के डीवाई पाटिल स्टेडियम में खेला जाएगा। भारतीय महिला टीम आठ साल बाद फाइनल में जगह बनाने में सफल रही है, जबकि साउथ अफ्रीका की टीम पहली बार इस बड़े मुकाबले तक पहुंची है। ऐसे में दोनों टीमों पर बराबर का दबाव रहेगा और मुकाबला बेहद रोमांचक होने की उम्मीद है।
फाइनल के दौरान कैसी रहेगी पिच की स्थिति

डीवाई पाटिल स्टेडियम की पिच आमतौर पर बल्लेबाजों और गेंदबाजों दोनों के लिए मददगार मानी जाती है। इस मैदान पर हाल ही में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में दोनों पारियों में मिलाकर 600 से अधिक रन बने थे। यहां बल्लेबाजी करना और बड़े शॉट खेलना आसान होता है, लेकिन शाम के समय ओस का असर भी देखने को मिलता है। ऐसे में कप्तान टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने का फैसला कर सकते हैं ताकि दूसरी पारी में ओस का फायदा उठाया जा सके। वहीं स्पिनर्स को पुरानी गेंद के साथ बीच के ओवरों में थोड़ी मदद मिलती है।
ओस का रहेगा अहम रोल
डीवाई पाटिल स्टेडियम में शाम के मुकाबलों में ओस का असर काफी होता है। यह गेंदबाजों के लिए मुश्किलें खड़ी कर सकती है, खासकर स्पिनर्स के लिए। दूसरी पारी में बल्लेबाजी करना यहां आमतौर पर आसान हो जाता है, इसलिए टॉस जीतने वाली टीम गेंदबाजी चुन सकती है।

सेमीफाइनल में दोनों टीमों का प्रदर्शन
सेमीफाइनल मुकाबलों में भारत और दक्षिण अफ्रीका दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया था। दक्षिण अफ्रीका महिला टीम ने इंग्लैंड को 125 रनों से मात दी थी, वहीं भारतीय महिला टीम ने सात बार की चैंपियन ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 338 रन का विशाल लक्ष्य चेज कर पांच विकेट से जीत दर्ज की थी।
फाइनल में होगा रोमांचक मुकाबला
अब फाइनल में कौन सी टीम बाज़ी मारेगी भारत की बल्लेबाज चमकेंगी या अफ्रीका की गेंदबाज, यह देखना दिलचस्प होगा। दोनों टीमों के बीच कांटे की टक्कर की उम्मीद है और फैन्स को एक यादगार मुकाबला देखने को मिल सकता है।
IND vs SA: फाइनल के लिए दोनों की संभावित प्लेइंग इलेवन
भारत महिला टीम: शेफाली वर्मा, स्मृति मंधाना, हरमनप्रीत कौर (कप्तान), जेमिमा रोड्रिग्स, दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष (विकेटकीपर), राधा यादव, अमनजोत कौर, क्रांति गौड़, श्री चरनी, रेणुका ठाकुर
दक्षिण अफ्रीका महिला टीम: लौरा वूल्वार्ट (कप्तान), तैजमिन ब्रिट्स, सुने लुस, मारिजेन कैप्प, एनक बॉश, सिनालो जाफ़्टा (विकेटकीपर), क्लोई ट्रेयोन, नादीन डी क्लर्क, मसाबाता क्लास, अयाबोंगा खाका, नॉनकुलुलेको म्लाबा





