Indore News : इंदौर के बंगाली चौराहे स्थित एक कॉलोनी में हुई हृदय विदारक घटना ने पूरे शहर को झकझोर कर रख दिया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव स्वयं पुगलिया परिवार को सांत्वना देने उनके निवास पहुंचे। उन्होंने परिवार के सदस्यों से मुलाकात कर गहरी संवेदना व्यक्त की और इस कठिन समय में हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
Indore News : मुख्यमंत्री ने कहा कि पुगलिया परिवार पर जो दुखों का पहाड़ टूटा है, उसकी पीड़ा को शब्दों में व्यक्त करना संभव नहीं है। इस दुःख की घड़ी में पूरा प्रदेश परिवार के साथ खड़ा है। उन्होंने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना करते हुए कहा कि परमात्मा उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और परिजनों को इस अपार दुःख को सहने की शक्ति प्रदान करें।

Indore News : घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की विस्तृत जांच कराई जा रही है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि घटना के हर पहलू की बारीकी से पड़ताल की जाए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों पर सख्त कार्रवाई हो सके।
इंदौर के बंगाली चौराहे स्थित कॉलोनी में पुगलिया परिवार में हुई घटना हृदय विदारक है। आज परिवार के सदस्यों से मिला।
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) March 19, 2026
पुगलिया परिवार पर दुःख का जो पहाड़ टूट पड़ा है, उसकी वेदना में हम सभी सहभागी हैं।
परमात्मा से प्रार्थना है कि सभी दिवंगतों को अपने श्रीचरणों में स्थान देकर परिवार… pic.twitter.com/P1nuZUtggI
Indore News : इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए विशेषज्ञों से चर्चा कर आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में ठोस और प्रभावी उपाय करेगी, ताकि नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
यह घटना न केवल पुगलिया परिवार के लिए, बल्कि पूरे इंदौर शहर के लिए गहरा आघात बनकर सामने आई है। ऐसे समय में समाज और प्रशासन की संवेदनशीलता ही पीड़ित परिवार को संबल दे सकती है।
Indore News : हादसे में पुगलिया परिवार के 8 सदस्यों की हो गई मौत
आपको बता दें कि बुधवार को इंदौर के बंगाली चौराहे पर एक दो मंजिला मकान में भीषण अग्निकांड में मनोज पुगलिया सहित उनके परिवार के 8 सदस्यों की मौत हो गई थी, जिनमें तीन मासूम बच्चे भी शामिल थे। मृतकों में मनोज पुगलिया, उनकी बहू सिमरन, साले विजय सेठिया, विजय की पत्नी सुमन, बेटी रुचिका, और नाती कार्तिक, राशि व तनय शामिल हैं। हादसे के समय मनोज की पत्नी सुनीता और उनके दो बेटे सौरभ व बाबू किसी तरह बाहर निकलने में सफल रहे।





