Indian Air Force World Rank 2025: भारत की सैन्य शक्ति, खासकर भारतीय वायुसेना (Indian AirForce) के लिए ऐतिहासिक साबित हुआ। वायु शक्ति के वैश्विक आकलन में भारतीय वायुसेना (Indian Air Force – IAF) ने चीन को पीछे छोड़ते हुए दुनिया की तीसरी सबसे ताकतवर वायुसेना का दर्जा हासिल कर लिया। यह रैंकिंग वर्ल्ड डायरेक्टरी ऑफ मॉडर्न मिलिट्री एयरक्राफ्ट (WDMMA) की ताजा रिपोर्ट में सामने आई है।

इस सूची में भारत से आगे केवल अमेरिका और रूस हैं, जबकि चीन चौथे स्थान पर खिसक गया है। खास बात यह है कि भारत ने यह उपलब्धि केवल विमानों की संख्या के दम पर नहीं, बल्कि आधुनिक तकनीक, बेहतर ट्रेनिंग और ऑपरेशनल क्षमता के बल पर हासिल की है।
Indian Air Force World Rank 2025: WDMMA रैंकिंग में भारत की बड़ी छलांग
WDMMA की रिपोर्ट के अनुसार, वायुसेनाओं की रैंकिंग True Value Rating (TVR) के आधार पर तय की जाती है। इस पैमाने में विमानों की संख्या के साथ-साथ लड़ाकू क्षमता, एयर डिफेंस, लॉजिस्टिक सपोर्ट, पायलट ट्रेनिंग और तकनीकी आधुनिकता को भी शामिल किया जाता है।

YIndian Air Force World Rank 2025: 2025 की टॉप वायुसेनाएं (TVR रेटिंग):
अमेरिका – 242.92
रूस – 114.23
भारत – 69.44
चीन – 63.85
जापान – 58.10
इस सूची में पाकिस्तान टॉप-10 में भी जगह नहीं बना पाया, जो दक्षिण एशिया में भारत की बढ़ती सैन्य बढ़त को दर्शाता है।

Indian Air Force World Rank 2025: चीन से कम विमान, फिर भी भारत आगे
संख्या के लिहाज से चीन के पास भारत से ज्यादा लड़ाकू विमान हैं, लेकिन गुणवत्ता और ऑपरेशनल तैयारी में भारतीय वायुसेना ने बढ़त बना ली है। भारत की ताकत आधुनिक लड़ाकू विमानों, बेहतर पायलट ट्रेनिंग, तेज प्रतिक्रिया क्षमता और सटीक स्ट्राइक में निहित है।

राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000 और स्वदेशी तेजस जैसे विमानों ने IAF की क्षमता को नई ऊंचाई दी है। साथ ही, नेटवर्क-सेंट्रिक वॉरफेयर और एडवांस रडार सिस्टम ने एयर डिफेंस को और मजबूत किया है।
Indian Air Force World Rank 2025: एयर डिफेंस और ट्रेनिंग में भारत की मजबूती
जहां चीन अरबों डॉलर अत्याधुनिक तकनीक और विमानों पर खर्च कर रहा है, वहीं भारत ने मशीनों के साथ-साथ मानव संसाधन पर भी बराबर ध्यान दिया है। पायलटों की कठोर ट्रेनिंग, संयुक्त अभ्यास और रियल-टाइम युद्ध अभ्यासों ने भारतीय वायुसेना को ज्यादा प्रभावी बनाया है। यही वजह है कि भारत की एयर डिफेंस क्षमता चीन से अधिक मजबूत मानी जा रही है। एस-400 एयर डिफेंस सिस्टम और स्वदेशी रडार नेटवर्क ने इस बढ़त को और पुख्ता किया है।
तीनों सेनाओं का तालमेल बना भारत की ताकत
2025 में भारत की सैन्य शक्ति की एक बड़ी वजह थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच बेहतर तालमेल रहा। संयुक्त कमांड स्ट्रक्चर और इंटीग्रेटेड ऑपरेशंस ने भारत को रणनीतिक बढ़त दिलाई।
विशेषज्ञों का मानना है कि केवल विमानों की संख्या निर्णायक नहीं होती। इसका उदाहरण रूस-यूक्रेन युद्ध और इजरायल-ईरान संघर्ष में देखने को मिला, जहां बेहतर रणनीति और तकनीक ने निर्णायक भूमिका निभाई।

Indian Air Force World Rank 2025: ऑपरेशन सिंदूर में दिखी IAF की असली ताकत
साल 2025 में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय वायुसेना ने अपनी तैयारियों का दमदार प्रदर्शन किया। सेना के डीजीएमओ लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई के अनुसार, इस ऑपरेशन में पाकिस्तान के कम से कम 12 विमान तबाह किए गए और एलओसी पर 100 से अधिक पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।
इस कार्रवाई ने न सिर्फ भारत की वायु शक्ति को साबित किया, बल्कि यह भी दिखा दिया कि IAF किसी भी चुनौती से निपटने में सक्षम है। 2025 में भारतीय वायुसेना की यह उपलब्धि देश की रक्षा नीति, आत्मनिर्भर भारत अभियान और सैन्य आधुनिकीकरण का प्रत्यक्ष परिणाम है। चीन को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचना भारत के लिए सिर्फ रैंकिंग नहीं, बल्कि वैश्विक शक्ति संतुलन में एक मजबूत संदेश है।
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