BY
Yoganand Shrivastava
Delhi सोशल मीडिया और कुछ राजनीतिक हलकों में देश के भीतर फिर से लॉकडाउन लगने की चर्चाओं ने आम जनता के बीच चिंता पैदा कर दी थी। इन अटकलों को सिरे से खारिज करते हुए केंद्र सरकार के वरिष्ठ मंत्रियों ने स्पष्ट किया है कि भारत में कोविड-19 जैसी किसी भी पाबंदी की कोई योजना नहीं है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इन खबरों को पूरी तरह निराधार और भ्रामक बताया है।

Delhi वित्त मंत्री का आश्वासन: ‘लॉकडाउन की खबरें बेबुनियाद’
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को जनता को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार आर्थिक गतिविधियों या आवाजाही पर किसी भी तरह का प्रतिबंध लगाने पर विचार नहीं कर रही है। उन्होंने आश्चर्य जताते हुए कहा कि कुछ नेताओं द्वारा ईंधन की कमी और तालाबंदी जैसी अफवाहें फैलाना चिंताजनक है। वित्त मंत्री ने साफ शब्दों में दोहराया, “मैं देशवासियों को आश्वस्त करना चाहती हूँ कि कोविड जैसा कोई लॉकडाउन नहीं लगेगा।”

Delhi पेट्रोलियम मंत्री की चेतावनी: अफवाहें फैलाना है ‘हानिकारक’
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ के जरिए इन दावों का खंडन किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत सरकार के पास ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है। उन्होंने जनता से शांत और जिम्मेदार बने रहने की अपील करते हुए कहा कि इस संवेदनशील समय में दहशत पैदा करने वाले प्रयास समाज के लिए हानिकारक हैं। उन्होंने ईंधन की आपूर्ति को लेकर भी स्थिति स्पष्ट की।

Delhi एक्साइज ड्यूटी में कटौती और वैश्विक ऊर्जा संकट
दरअसल, यह भ्रम पश्चिम एशिया में चल रहे युद्ध और हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की नाकेबंदी के कारण पैदा हुए वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच फैला है। स्थिति को संभालने के लिए सरकार ने पेट्रोल और डीजल पर एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती की है। अब पेट्रोल पर यह शुल्क मात्र 3 रुपये प्रति लीटर रह गया है, जबकि डीजल पर इसे शून्य कर दिया गया है। सरकार का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बोझ से आम उपभोक्ता को बचाना है।
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