हैदराबाद के एक प्राइवेट हॉस्पिटल की CEO नम्रता चिगुरुपति (34) को ₹5 लाख के कोकेन की खरीदारी करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। यह मामला उच्च पदस्थ पेशेवरों के बीच बढ़ती नशीली दवाओं की लत की गंभीर समस्या को उजागर करता है।
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कैसे हुई गिरफ्तारी?
- कौन शामिल था?: नम्रता चिगुरुपति को मुंबई के एक ड्रग सप्लायर, वंश ढक्कर के सहयोगी बालकृष्ण के साथ रायदुर्गम में ड्रग्स लेते हुए पकड़ा गया।
- पुलिस की कार्रवाई: पुलिस ने कूरियर के जरिए ड्रग्स की डिलीवरी को ट्रैक किया और हाथोंहाथ सौदा होते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
- बरामदगी: पुलिस ने 53 ग्राम कोकेन, ₹10,000 नकद और दो मोबाइल फोन जब्त किए।
पुलिस जांच और आरोपी का कबूलनामा
- WhatsApp पर डील: नम्रता ने वंश ढक्कर को WhatsApp पर संपर्क किया, ऑनलाइन पेमेंट किया और ड्रग्स की डिलीवरी का इंतजाम किया।
- चौंकाने वाला खुलासा: पूछताछ के दौरान, नम्रता ने स्वीकार किया कि वह अब तक ड्रग्स पर ₹70 लाख खर्च कर चुकी है।
- कानूनी कार्रवाई: दोनों आरोपियों पर NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज कर जेल भेज दिया गया।
यह मामला क्यों महत्वपूर्ण है?
- उच्च पदस्थ लोगों की शामिलगी: एक मेडिकल प्रोफेशनल का ड्रग्स में लिप्त होना चिंताजनक है और समाज में इसकी गहरी पैठ को दिखाता है।
- बड़े नेटवर्क की आशंका: पुलिस मुंबई और हैदराबाद के बीच चल रहे ड्रग्स रैकेट की जांच कर रही है।
आगे क्या होगा?
पुलिस निम्नलिखित पहलुओं पर जांच कर रही है:
✔ क्या नम्रता दूसरों को भी ड्रग्स सप्लाई कर रही थी?
✔ वंश ढक्कर का मुंबई में कितना बड़ा नेटवर्क है?
✔ क्या अन्य हाई-प्रोफाइल लोग भी इससे जुड़े हैं?
निष्कर्ष
यह मामला शहरी उच्च वर्ग में फैले ड्रग्स के खतरे को उजागर करता है। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, और भी चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।





