मणिपुर और जम्मू-कश्मीर में विरोध
नई दिल्ली, 7 अप्रैल:
सुप्रीम कोर्ट आज वक्फ कानून की संवैधानिक वैधता को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर अहम सुनवाई करेगा। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) संजीव खन्ना ने सोमवार को कहा कि वे दोपहर में याचिका की मेंशनिंग लेटर देखेंगे और इस पर सुनवाई के लिए फैसला लेंगे। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि इस मामले में मौखिक मेंशनिंग स्वीकार नहीं की जाएगी।
कपिल सिब्बल ने की याचिका को प्राथमिकता देने की मांग
सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल ने कोर्ट से आग्रह किया कि जमीयत उलेमा-ए-हिंद और अन्य संगठनों की ओर से दाखिल याचिकाएं बेहद संवेदनशील और महत्वपूर्ण हैं, इसलिए इन्हें प्राथमिकता के आधार पर सुना जाना चाहिए। उनका कहना था कि यह मामला धार्मिक और सामाजिक दृष्टिकोण से देश के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।
राजनीतिक हलचल: जम्मू-कश्मीर और मणिपुर में विरोध प्रदर्शन
वक्फ कानून को लेकर देश के अलग-अलग हिस्सों में भी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं। जम्मू-कश्मीर विधानसभा में नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के एक सदस्य ने विरोध जताते हुए वक्फ कानून की कॉपी फाड़ दी। इस घटना ने राजनीतिक गलियारों में गर्माहट पैदा कर दी है।
वहीं, मणिपुर में हालात और भी तनावपूर्ण हो गए हैं। वहां एक भाजपा नेता के घर में आग लगा दी गई, जिसे वक्फ कानून पर दिए गए उनके बयान से जोड़कर देखा जा रहा है। यह घटना दर्शाती है कि मामला केवल न्यायिक नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक रूप से भी कितना संवेदनशील बन गया है।
क्या है वक्फ कानून विवाद?
वक्फ कानून के तहत देशभर में मुस्लिम समुदाय की धार्मिक संपत्तियों का प्रबंधन वक्फ बोर्ड के अंतर्गत होता है। कई संगठनों और व्यक्तियों ने इसकी संवैधानिक वैधता को चुनौती दी है, उनका कहना है कि यह कानून धर्म के आधार पर भेदभाव करता है और संविधान की मूल भावना के खिलाफ है।
नजरें सुप्रीम कोर्ट पर टिकीं
अब पूरे देश की नजरें सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं। आज दोपहर में CJI के निर्णय के बाद यह साफ होगा कि इस संवेदनशील और विवादास्पद मामले में अगला कदम क्या होगा।





