BY: Yoganand Shrivastva
इंदौर, इंदौर के द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात ड्यूटी पर तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल पर कुछ युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। घटना के दौरान पत्थर और डंडों से पुलिसकर्मी को बुरी तरह पीटा गया, जिससे उन्हें सिर में गंभीर चोटें आई हैं। साथ ही मौके पर खड़ी एक हिंदू संगठन से जुड़े नेता की कार को भी उपद्रवियों ने क्षतिग्रस्त कर दिया।
पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 6 आरोपियों को हिरासत में ले लिया है और दो अलग-अलग एफआईआर दर्ज कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है।
ड्यूटी पर जा रहे थे हेड कॉन्स्टेबल
पुलिस के अनुसार, घायल हेड कॉन्स्टेबल का नाम मुन्नालाल चौहान है, जो एफआरवी (डायल 100) वाहन पर तैनात हैं। उन्हें बुधवार रात सूचना मिली थी कि क्षेत्र में एक स्थान पर डीजे की तेज आवाज से अशांति हो रही है। इस सूचना पर वे वाहन चालक के साथ मौके की ओर रवाना हुए।
जब वे लाल ब्रोडी इलाके के पास पहुंचे, तो वहां कुछ युवक आपस में झगड़ते मिले। मुन्नालाल ने स्थिति को शांत करने का प्रयास किया, लेकिन युवकों ने अचानक उन पर हमला कर दिया।
पत्थर और डंडों से हमला, सिर में गहरी चोट
जैसे ही हेड कॉन्स्टेबल युवकों को समझाने के लिए वाहन से उतरे, हमलावरों ने उन्हें घेर लिया और लाठियों व पत्थरों से हमला कर दिया। इस दौरान मुन्नालाल के सिर, हाथ और पैरों में गंभीर चोटें आईं। घायल अवस्था में उन्होंने थाने को सूचना दी।
कुछ ही देर में द्वारकापुरी थाना प्रभारी सुशील पटेल पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हमलावरों को मौके से हिरासत में लिया। प्राथमिक पूछताछ के बाद सभी आरोपियों को थाने लाया गया।
हिंदू नेता की कार भी बनी उपद्रव का शिकार
घटना के दौरान पास ही खड़ी पवन शर्मा नामक एक स्थानीय हिंदूवादी नेता की कार पर भी उपद्रवियों ने पथराव किया। वाहन के शीशे तोड़ दिए गए और गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचा। शर्मा ने भी थाने में शिकायत दर्ज कराई है।
दो अलग-अलग एफआईआर, गंभीर धाराओं में मामला दर्ज
पुलिस ने हेड कॉन्स्टेबल मुन्नालाल चौहान की शिकायत पर हमलावरों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की गंभीर धाराओं— हत्या के प्रयास (307), शासकीय कार्य में बाधा (353), और बलवा (147/148) के तहत केस दर्ज किया है। वहीं, पवन शर्मा की ओर से दर्ज शिकायत पर वाहन क्षति और उपद्रव से जुड़ी धाराएं जोड़ी गई हैं।
ये हैं गिरफ्तार आरोपी
पुलिस ने जिन छह युवकों को पकड़ा है, उनके नाम इस प्रकार हैं:
- पीयूष पिता जीतू (निवासी ऋषि पैलेस)
- रोहित पिता करण
- पवन पिता रामराज
- आकाश, विकास और किशन (अन्य स्थानीय निवासी)
सभी आरोपियों को फिलहाल हिरासत में रखा गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस पूरे घटनाक्रम के वीडियो फुटेज और चश्मदीदों के बयान के आधार पर मामले की गहराई से जांच कर रही है।
प्रशासन की सख्त चेतावनी
घटना के बाद इंदौर पुलिस ने साफ किया है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। टीआई सुशील पटेल ने कहा कि ड्यूटी पर तैनात किसी भी सरकारी कर्मचारी पर हमला न केवल अपराध है, बल्कि यह शासन व्यवस्था पर हमला माना जाएगा। दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।





