ग्वालियर में आयोजित ‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव 2025’ का आज दूसरा और अंतिम दिन है। इस कार्यक्रम में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया और विधानसभा अध्यक्ष नरेन्द्र सिंह तोमर विशेष रूप से शामिल हो रहे हैं।
यह आयोजन राज्य के पर्यटन सेक्टर को बढ़ावा देने, निवेशकों को आकर्षित करने और सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक पहचान दिलाने के उद्देश्य से किया जा रहा है।
कार्यक्रम की मुख्य विशेषताएं
- स्थान: ग्वालियर
- थीम: “टाइमलेस ग्वालियर: इकोज़ ऑफ कल्चर, स्पिरिट ऑफ लेगेसी”
- उद्देश्य: पर्यटन में निवेश बढ़ाना, सांस्कृतिक धरोहर को संजोना, ईको-टूरिज्म और अनुभवात्मक पर्यटन को बढ़ावा देना।
- अनुमानित निवेश: 4,000 से 5,000 करोड़ रुपये
होटल, रिसॉर्ट और ईको-टूरिज्म सेक्टर में निवेश
कॉन्क्लेव में निवेशकों और टूर ऑपरेटर्स के बीच वन-टू-वन मीटिंग्स होंगी।
- होटल, रिसॉर्ट, वेलनेस और ईको-टूरिज्म सेक्टर के निवेशकों को लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) प्रदान किए जाएंगे।
- इससे ग्वालियर-चंबल-सागर क्षेत्र में पर्यटन संरचना को मजबूती मिलेगी।
- स्थानीय रोजगार के नए अवसर भी खुलेंगे।
कला और हस्तशिल्प को मिलेगा वैश्विक मंच
ग्वालियर की सांस्कृतिक पहचान को बढ़ावा देने के लिए:
- मान सिंह तोमर यूनिवर्सिटी के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे।
- हस्तशिल्प प्रेमियों को सीधे कारीगरों से जोड़ने के लिए एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म लॉन्च किया जाएगा।
- इससे देश-विदेश के ग्राहक प्रामाणिक हस्तशिल्प उत्पाद ऑनलाइन खरीद सकेंगे।
धरोहर संरक्षण और स्वदेश दर्शन 2.0 प्रोजेक्ट्स
पर्यटन को और आकर्षक बनाने के लिए कई शिलान्यास होंगे:
- ग्वालियर किले में संरक्षण, लैंडस्केपिंग और इल्युमिनेशन कार्य (इंडिगो और आगा खां फाउंडेशन के सहयोग से)।
- फूलबाग में अनुभवात्मक पर्यटन प्रोजेक्ट्स का शुभारंभ।
- मान सिंह तोमर म्यूजिक यूनिवर्सिटी में नए विकास कार्य।
मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट के लिए तैयारी
ग्वालियर का यह कॉन्क्लेव भोपाल में अक्टूबर 2025 में होने वाले ‘मध्य प्रदेश ट्रैवल मार्ट’ के लिए एक मजबूत आधार तैयार करेगा।
- इससे पहले जुलाई में रीवा और अगस्त में ग्वालियर में रीजनल कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया।
- इन आयोजनों का मकसद निवेशकों को आकर्षित कर मध्यप्रदेश को ग्लोबल टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करना है।
‘रीजनल टूरिज्म कॉन्क्लेव 2025’ ग्वालियर-चंबल-सागर क्षेत्र के पर्यटन को नई दिशा देने वाला साबित हो सकता है।
- निवेश से इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, रोजगार सृजन और सांस्कृतिक धरोहर के संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
- यह आयोजन मध्यप्रदेश को पर्यटन उद्योग के ग्लोबल मैप पर एक मजबूत पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाएगा।