BY
Yoganand Shrivastava
Gwalior news: निजी स्कूलों द्वारा फीस और अन्य शुल्कों में की जा रही मनमानी पर रोक लगाने के लिए जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है। नए साल से नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की तैयारी की गई है।
फीस स्ट्रक्चर अपलोड करना अनिवार्य
सभी निजी स्कूलों को 31 दिसंबर तक लोक शिक्षण विभाग के पोर्टल पर अपनी फीस संरचना अपलोड करनी थी। इसके साथ ही उसी फीस की हार्ड कॉपी जिला शिक्षा कार्यालय में जमा कराना भी जरूरी था।
नियम न मानने वाले स्कूलों पर नजर
विभागीय जानकारी के अनुसार शहर के करीब 10 से 15 प्रतिशत निजी स्कूलों ने तय समय सीमा तक पोर्टल पर फीस स्ट्रक्चर अपलोड नहीं किया है। ऐसे स्कूलों के खिलाफ अब कार्रवाई की जाएगी।
पहली बार सख्त निगरानी व्यवस्था
इस बार केवल ऑनलाइन जानकारी भरना ही पर्याप्त नहीं माना गया है। पोर्टल पर अपलोड के साथ-साथ हार्ड कॉपी जमा करना भी अनिवार्य किया गया है, ताकि रिकॉर्ड में कोई गड़बड़ी न हो।
अभिभावकों को मिलेगी पारदर्शिता
फीस स्ट्रक्चर पोर्टल पर उपलब्ध होने से अभिभावक आसानी से जान सकेंगे कि किस स्कूल और किस कक्षा की फीस कितनी है। साथ ही यह भी स्पष्ट होगा कि पिछले वर्ष की तुलना में स्कूल ने कितनी फीस बढ़ाई है।
अनियमितता पर होगी कार्रवाई
शिक्षा विभाग का कहना है कि जो स्कूल नियमों का पालन नहीं करेंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कदम उठाए जाएंगे, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।





