BY: Yoganand Shrivastva
ग्वालियर: लोकायुक्त पुलिस ने बुधवार शाम एक बड़ी कार्रवाई करते हुए नगर निगम के स्वास्थ्य विभाग में पदस्थ बाबू राजेश सक्सेना को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। आरोपी बाबू को गोपाल मंदिर के पास स्थित कार्यालय में एक महिला सफाईकर्मी से 25 हजार रुपए लेते समय पकड़ा गया। जानकारी के मुताबिक, राजेश सक्सेना ने महिला कर्मचारी वर्षा घंघेट से अनुकंपा नियुक्ति दिलाने के बदले 1 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। वर्षा ने अपने पिता पूरन बाल्मीकि की ड्यूटी के दौरान दिसंबर 2022 में हुई मृत्यु के बाद यह नौकरी पाई थी। लेकिन नौकरी मिलने के बाद से ही बाबू उस पर लगातार पैसे देने का दबाव बना रहा था।
शिकायतकर्ता वर्षा के अनुसार, नियुक्ति से पहले ही राजेश सक्सेना ने उससे 30 हजार रुपए की पहली किस्त के रूप में रिश्वत वसूल ली थी। इसके बाद वह शेष रकम की लगातार मांग कर रहा था। जब परेशान होकर वर्षा के पति आशु घंघेट ने लोकायुक्त पुलिस से संपर्क किया, तो शिकायत के सत्यापन के बाद टीम ने जाल बिछाया और बाबू को 25 हजार रुपए की दूसरी किस्त लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जीपीएफ के पैसे में भी की गड़बड़ी
आरोपी राजेश सक्सेना पर महिला के पिता के जीपीएफ (सामान्य भविष्य निधि) के पैसों में गड़बड़ी करने का भी आरोप है। बताया जा रहा है कि उसने बिना अनुमति के पूरन बाल्मीकि के खाते में 5 लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए, जबकि परिवार की मांग थी कि ये राशि उनकी पत्नी शशिकला के खाते में भेजी जाए। परिणामस्वरूप, पूरन के कुछ पुराने लोन पेंडिंग होने के कारण बैंक ने पूरी राशि समायोजित कर ली। इस वजह से वर्षा की मां को सिर्फ दो लाख रुपए ही प्राप्त हो सके। फिलहाल, लोकायुक्त पुलिस आरोपी बाबू की आय के अन्य स्रोतों और संभावित भ्रष्टाचार मामलों की भी जांच कर रही है। इस कार्रवाई के बाद नगर निगम कार्यालयों में हड़कंप मच गया है, और कई कर्मचारी अब जांच के दायरे में आ सकते हैं।





