रिपोर्ट- आज़ाद सक्सेना, एडिट- विजय नंदन
दंतेवाड़ा: छत्तीसगढ़ में एक के बाद समूह के रूप में नक्सलियों के आत्मसर्पण से नक्सली आकाओं में बौखलाहट बढ़ रही है। इसी बौखलाहट में वे नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने वाले नक्सली नेताओं के खिलाफ गोंडी भाषा में एक वीडियो और प्रेस नोट जारी कर रहे हैं। ऐसे ही एक वीडियो में नक्सलियों ने आत्मसमर्पण करने वाले अपने पूर्व साथियों को “गद्दार” बताते हुए उन पर संगठन और जनता से धोखा देने का आरोप लगाया है।

वीडियो में नक्सलियों ने कहा कि जो साथी पार्टी और जनता की विचारधारा को छोड़ चुके हैं, वे अब “जनताना सरकार” को खत्म करने की साजिश रच रहे हैं। नक्सलियों ने गोंडी भाषा में यह भी कहा है कि अब JRD और भूमकाल के सदस्य फटाखा फोड़ने और PLGA तथा मिलिशिया सदस्यों को IED लगाने से रोक रहे हैं।

नक्सलियों ने संगठन में फूट पड़ने और स्मारकों के तोड़े जाने को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कुछ लोग MLM (मार्क्स-लेनिन-माओ) सिद्धांत को खत्म करने की बात कर रहे हैं, लेकिन “संगठन और सिद्धांत हमेशा रहेंगे, तुम वापस नहीं आ पाओगे” ऐसा संदेश उन्होंने वीडियो में दिया है।
वहीं दूसरी ओर, नक्सलियों की पश्चिम बस्तर डिवीजन कमेटी ने एक प्रेस नोट जारी कर भैरमगढ़ एरिया के सक्रिय नक्सली नेता कमलू पुनेम पर दो लाख रुपये लेकर फरार होने और आत्मसमर्पण करने का आरोप लगाया है। बता दें कि कमलू पुनेम, जो भैरमगढ़ एरिया के DVC सदस्य और एरिया कमांडर थे, उन्होंने 26 अक्टूबर को बीजापुर पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था।
प्रेस नोट में पश्चिम बस्तर डिविजनल कमेटी ने कहा है कि कमलू पुनेम, सोनू और रूपेश के गुट से प्रेरित होकर आत्मसमर्पण किया है। नक्सलियों ने इन नेताओं पर संगठन को कमजोर करने और विचारधारा से भटकने का आरोप लगाया है।





