नेपाल में विरोध प्रदर्शनों के बाद अब फ्रांस की सड़कों पर भी गुस्सा भड़क उठा है। राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के खिलाफ नए आंदोलन ब्लॉक एवरीथिंग ने बुधवार सुबह हाईवे जाम कर देशभर में अफरातफरी मचा दी।
सड़कों पर नारेबाजी, आगजनी और ट्रैफिक जाम जैसी स्थिति ने जनता और प्रशासन दोनों को प्रभावित किया। कई बसों को आग के हवाले कर दिया गया।
सुरक्षा बलों की भारी तैनाती
फ्रांस सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 80,000 सुरक्षाकर्मियों को तैनात किया, जिनमें से 6,000 सिर्फ पेरिस में मौजूद हैं।
- राजधानी पेरिस और अन्य बड़े शहरों में भारी पुलिस और सुरक्षाबलों की तैनाती
- सैकड़ों गिरफ्तारियां, जिसमें पेरिस में 75 प्रदर्शनकारी शामिल हैं
- ट्रैफिक ठप होने की घटनाएं मार्से, मोंपेलिए, नांत और लियोन में
ब्लॉक एवरीथिंग आंदोलन क्या है?
ब्लॉक एवरीथिंग कोई साधारण प्रदर्शन नहीं है। यह आंदोलन इस सोच पर आधारित है कि मौजूदा राजनीतिक व्यवस्था जनता के लिए काम नहीं कर रही।
- शुरुआत दक्षिणपंथी समूहों ने की
- अब इसे वामपंथ और अतिवामपंथी ताकतों ने भी अपनाया
- मुख्य संदेश: अगर सिस्टम काम नहीं करता, तो देश की मशीनरी को रोक दो
- हाईवे, शहर और परिवहन तंत्र को ठप करने की रणनीति
सरकार का अनुमान है कि देशभर में लगभग 1 लाख लोग इन प्रदर्शनों में शामिल हो सकते हैं।
यलो वेस्ट आंदोलन की याद ताजा
एक रिपोर्ट के अनुसार, यह आंदोलन फ्रांस के लिए नया है, लेकिन 2018 के यलो वेस्ट आंदोलन की याद दिलाता है।
- 2018 में ईंधन की बढ़ती कीमतों के विरोध में जनता सड़कों पर उतरी
- धीरे-धीरे विरोध राष्ट्रपति मैक्रों की नीतियों के खिलाफ बड़े जनांदोलन में बदल गया
- इस बार भी हालात उसी तरह गंभीर दिख रहे हैं
सड़कें जाम और आगजनी की घटनाएं
गृह मंत्री ब्रूनो रेटायो ने बताया:
- बोर्डो: लगभग 50 नकाबपोशों ने हाईवे रोकने की कोशिश की
- टूलूज़: एक केबल में आग लगने से ट्रैफिक बाधित
- पेरिस पुलिस ने 75 प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की
- विंसी कंपनी ने बड़े शहरों में ट्रैफिक ठप होने की घटनाएं रिपोर्ट की
फ्रांस में राजनीतिक अस्थिरता और सड़क प्रदर्शन बढ़ते ही मैक्रों सरकार के सामने चुनौतियां और गहराती जा रही हैं।





