Flydubai: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार पर कथित हमला करने वाले को-पायलट की पहचान हमाम अल-हमामी के रूप में हुई है। वह ओमान का नागरिक है और फिलहाल इस पूरे मामले की जांच की जा रही है। रिपोर्टों के मुताबिक, घटना के दौरान विमान के कॉकपिट में कैप्टन पर हमला हुआ और विमान को कथित तौर पर अस्थिर करने की कोशिश की गई। बाद में यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमलावर को काबू किया और विमान की सऊदी अरब के तबूक में आपात लैंडिंग कराई गई।
इस घटना के बाद हमाम अल-हमामी के पुराने रिकॉर्ड और उसके विमानन करियर की भी जांच शुरू हो गई है। सामने आई रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ओमान में उसके कथित कट्टरपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा संबंधी चिंताएं पहले ही सामने आ चुकी थीं।
Flydubai Co-Pilot Attack से पहले ओमान में उड़ान पर लगी थी रोक
द वॉल स्ट्रीट जर्नल और अन्य रिपोर्टों के हवाले से सामने आई जानकारी के अनुसार, हमाम अल-हमामी पहले ओमान की राष्ट्रीय एयरलाइन ओमान एयर से जुड़ा हुआ था। वहां उसके कथित चरमपंथी विचारों को लेकर सुरक्षा चिंता सामने आने के बाद उसे उड़ान भरने से रोक दिया गया था।
रिपोर्टों के अनुसार, इसके बावजूद उसे एयरलाइन से पूरी तरह अलग नहीं किया गया था और उसे दूसरे तरह के काम में लगाया गया था। जांच का एक अहम सवाल अब यह है कि जिस व्यक्ति को ओमान में विमान उड़ाने के लिए सुरक्षा जोखिम माना गया था, वह बाद में संयुक्त अरब अमीरात की फ्लाईदुबई में पायलट की नौकरी हासिल करने में कैसे सफल रहा।
Flydubai Co-Pilot Attack के आरोपी का सीरिया कनेक्शन
हमाम अल-हमामी की पृष्ठभूमि को लेकर सामने आई रिपोर्टों में उसके सीरिया में बिताए समय का भी उल्लेख किया गया है। अल अरबिया इंग्लिश और अन्य मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, उसने अपने जीवन का काफी समय ओमान के बाहर बिताया था और सीरिया में रहने के दौरान उसके कथित रूप से चरमपंथी विचारों से प्रभावित होने की जानकारी सामने आई है।
हालांकि, जांच एजेंसियों की ओर से उसके कथित विचारों, संपर्कों और घटना के बीच सीधा संबंध अभी सार्वजनिक रूप से स्थापित नहीं किया गया है। ऐसे में उसके बारे में सामने आ रही कई जानकारियां जांच के दायरे में हैं।
Flydubai Co-Pilot Attack के आरोपी की उम्र और नागरिकता
रिपोर्टों के मुताबिक, हमाम अल-हमामी 29 साल का ओमानी नागरिक है। उसका जन्म संयुक्त अरब अमीरात में हुआ था। उसके पिता ओमानी और मां सीरियाई मूल की बताई गई हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में यह भी कहा गया है कि उसके पास ओमान के अलावा किसी अन्य देश की नागरिकता नहीं थी।
उसके करियर की जानकारी के अनुसार उसने ओमान एयर में कई वर्षों तक काम किया। इसके बाद वह रॉयल एयर मैरोक से भी जुड़ा रहा और बाद में फ्लाईदुबई में शामिल हुआ। रिपोर्टों के मुताबिक, फ्लाईदुबई के साथ उसका कार्यकाल करीब आठ महीने का था।
Flydubai Co-Pilot Attack से पहले मिला था कथित संदिग्ध सामान
रिपोर्टों में दावा किया गया है कि ओमान एयर में प्रशिक्षण के दौरान हमाम अल-हमामी के पास कथित तौर पर ऐसा सामान मिला था, जिसे लेकर सुरक्षा अधिकारियों को उसके विचारों पर संदेह हुआ। इसके बाद उसे पायलट प्रशिक्षण से हटाए जाने की बात सामने आई है। अलग-अलग रिपोर्टों में इस घटनाक्रम के वर्ष और परिस्थितियों को लेकर कुछ अंतर है।
इसी वजह से उसकी पिछली नौकरी और सुरक्षा जांच की प्रक्रिया अब इस मामले की जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बन गई है। अधिकारी यह पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि उसकी पिछली पृष्ठभूमि की जानकारी बाद में फ्लाईदुबई तक किस तरह पहुंची और उसकी नियुक्ति के दौरान किस तरह की जांच की गई थी।
Flydubai Co-Pilot Attack में फिलिस्तीन समर्थक सामग्री की भी जांच
मीडिया रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि हमाम अल-हमामी के पास फिलिस्तीन समर्थक सामग्री मिली थी और उसके सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। कुछ रिपोर्टों में उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इजरायल विरोधी और फिलिस्तीन समर्थक पोस्ट का उल्लेख किया गया है।
हालांकि, किसी व्यक्ति की राजनीतिक या धार्मिक राय और किसी हिंसक घटना के बीच संबंध स्थापित करने के लिए ठोस जांच साक्ष्य जरूरी होते हैं। मौजूदा मामले में जांच एजेंसियां उसके कथित विचारों और हमले के संभावित मकसद के बीच संबंध की पड़ताल कर रही हैं।
Flydubai Co-Pilot Attack में इजरायल जाने वाली फ्लाइट पर सवाल
इस घटना ने इसलिए भी सुरक्षा से जुड़े सवाल खड़े किए हैं क्योंकि फ्लाइट दुबई से तेल अवीव जा रही थी। ओमान के इजरायल के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध नहीं हैं। ऐसे में इस बात पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं कि ओमानी नागरिक और पहले सुरक्षा चिंता के घेरे में आ चुके व्यक्ति को इजरायल जाने वाली संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय उड़ान के कॉकपिट तक पहुंच कैसे मिली।
विमानन सुरक्षा विशेषज्ञों के लिए यह घटना खास तौर पर महत्वपूर्ण है, क्योंकि आमतौर पर कॉकपिट की सुरक्षा यात्रियों और बाहरी हमलों को रोकने के लिए बेहद कड़ी होती है। इस मामले में कथित खतरा विमान के अंदर मौजूद चालक दल के सदस्य की ओर से आया, जिससे सुरक्षा व्यवस्था और पायलटों की जांच प्रक्रिया पर नए सवाल उठे हैं।
Flydubai Co-Pilot Attack में विमान क्रैश कराने की कोशिश का आरोप
घटना को लेकर इजरायली मीडिया में यह दावा भी सामने आया है कि हमाम अल-हमामी का कथित उद्देश्य कॉकपिट पर नियंत्रण हासिल करने के बाद विमान को इजरायल में दुर्घटनाग्रस्त करना हो सकता था। हालांकि, जांच अधिकारियों ने अभी तक इस मकसद की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
घटना के दौरान विमान अचानक काफी ऊंचाई खो बैठा था। भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार घायल होने के बावजूद कॉकपिट का दरवाजा खोलने में सफल रहे। इसके बाद यात्रियों और चालक दल के सदस्यों ने हमाम अल-हमामी को काबू करने में मदद की। दो अन्य पायलटों की सहायता से विमान को नियंत्रित किया गया और उसे सऊदी अरब के तबूक एयरपोर्ट पर सुरक्षित उतारा गया।
Flydubai Co-Pilot Attack के बाद कई देशों की एजेंसियां जांच में जुटीं
इस घटना की जांच संयुक्त अरब अमीरात, इजरायल, सऊदी अरब और ओमान से जुड़ी एजेंसियां कर रही हैं। मामले में संभावित आतंकी मकसद समेत कई पहलुओं की जांच की जा रही है। अधिकारियों की नजर हमाम अल-हमामी के पुराने रिकॉर्ड, उसके रोजगार इतिहास, सोशल मीडिया गतिविधियों और कथित वैचारिक संपर्कों पर है।
फिलहाल जांच पूरी नहीं हुई है और हमले के अंतिम मकसद को लेकर आधिकारिक निष्कर्ष सामने नहीं आया है। हालांकि, ओमान में उसके कथित सुरक्षा जोखिम के बावजूद फ्लाईदुबई में पायलट के तौर पर काम करने की जानकारी ने विमानन सुरक्षा और कर्मचारियों की पृष्ठभूमि जांच को लेकर गंभीर सवाल जरूर खड़े कर दिए हैं।


