सरकार ने टोल प्लाजा पर लंबी कतारों से बचने के लिए FASTag को अनिवार्य किया था, लेकिन यह सिस्टम साइबर फ्रॉड और तकनीकी गड़बड़ियों का शिकार हो गया है। कई मामलों में वाहन घर पर खड़े होने के बावजूद टोल टैक्स काट लिया जा रहा है, जिससे FASTag सिस्टम की पारदर्शिता और सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
भोपाल के निवासी का टोल टैक्स हरियाणा में कटा
भोपाल निवासी प्रवीण दुबे के साथ ऐसा ही एक मामला सामने आया है। उनकी कार घर पर खड़ी थी, लेकिन उनका टोल टैक्स हरियाणा में कट गया। जब प्रवीण ने बैंक से संपर्क किया, तो उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला और न ही उनके पैसे वापस किए गए।

एक ही वाहन से कई बार टोल कटौती
इसी तरह, भोपाल के रहने वाले रवि के खाते से भी बिना यात्रा किए दो अलग-अलग टोल प्लाजा से पैसे काट लिए गए, जबकि उनका वाहन और FASTag कार्ड घर पर ही था। एक टैक्सी ड्राइवर ने भी शिकायत की कि बिना टोल प्लाजा से गुजरे कई बार टोल चार्ज काट लिया गया। टोल कर्मचारियों का अनुमान है कि यह गड़बड़ी वाहन नंबर में गलती या FASTag क्लोनिंग के कारण हो सकती है।
FASTag फ्रॉड से बचने के उपाय
- अपने FASTag से जुड़े बैंक खाते का स्टेटमेंट नियमित रूप से चेक करें और किसी भी अज्ञात लेन-देन पर तुरंत कार्रवाई करें।
- गलत टोल कटौती होने पर तुरंत बैंक हेल्पलाइन और नेशनल हाइवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) के टोल-फ्री नंबर 1033 पर शिकायत दर्ज कराएं।
- अगर आपको लगता है कि आपका FASTag क्लोन हो गया है, तो तुरंत इसे बैंक से ब्लॉक करवाकर नया FASTag जारी करवाएं।
विशेषज्ञों की राय
साइबर एक्सपर्ट शोभित चतुर्वेदी के अनुसार, FASTag से जुड़े तीन तरह के फ्रॉड प्रचलित हैं:
- क्लोनिंग: डिजिटल डिवाइस से FASTag को स्कैन करके छोटी-छोटी रकम निकाली जाती है।
- दूसरे टोल प्लाजा पर उपयोग: क्लोन किए गए FASTag का दूसरे टोल प्लाजा पर इस्तेमाल किया जाता है।
- बैंक अकाउंट तक पहुंच: FASTag के जरिए लिंक्ड बैंक अकाउंट तक पहुंच प्राप्त की जाती है।
इनसे बचने के लिए, FASTag वॉलेट को ऐप के जरिए केवल जरूरत के हिसाब से रिचार्ज करें।




