खनौरी बॉर्डर पर किसानों का प्रदर्शन लगातार जारी है। किसान अपनी मांगों को लेकर अड़े हुए है, किसान नेता डल्लेवाल खराब तबीयत होने के बावजूद भी भूख हड़ताल कर रहे है। डॉक्टरों के मुताबिक वो कई बिमारियों से पीड़ित है। उनको अस्पताल ले जाना ज़रूरी है लेकिन वो जा नहीं रहे है। डॉक्टरों ने यहां तक कह दिया है कि, ‘कमजोरी के कारण डल्लेवाल हड्डियों का ढांचा बनते जा रहे हैं। वह शारीरिक तौर पर बहुत कमजोर हो चुके हैं। वह कैंसर के मरीज हैं। भूखा रहने के कारण वह अपनी कैंसर की दवाएं भी नहीं ले पा रहे हैं’।
इस मौके किसान नेताओं ने कहा कि, शनिवार को खनौरी बॉर्डर पर रखी किसान महापंचायत में देश के कोने-कोने से दो लाख के करीब किसान पहुंच सकते हैं। इस महापंचायत में डल्लेवाल खास संदेश देंगे। महापंचायत की तैयारी के लिए अलग-अलग कमेटियां बना कर तैयारियां की जा रहीं हैं। सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी पर किसान नेता अभिमन्यु कोहाड़ ने कहा कि आंदोलन के विषय में किसान नेताओं की ओर से सभी बयान बड़ी जिम्मेदारी के साथ संविधान के दायरे में रहकर दिए जा रहे हैं। सभी बयान जगजीत सिंह डल्लेवाल की भावना के अनुसार दिए जा रहे हैं। गौरतलब है कि, सुप्रीम कोर्ट की ओर से टिप्पणी की गई है कि मोर्चे में शामिल कुछ किसान गलत बयानबाजी कर रहे हैं।
किसान नेताओं ने कहा कि, जब किसी व्यक्ति को कहीं से भी न्याय नहीं मिलता तो वो न्याय की आखिरी उम्मीद सुप्रीम कोर्ट से ही करता है। किसानों की सुप्रीम कोर्ट से अपील है कि, वे केंद्र सरकार को निर्देश जारी करें कि खेती के विषय पर बनी संसद की कमेटी की रिपोर्ट व हाई पावर कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट को लागू किया जाए। इनमें एमएसपी गारंटी कानून बनाने की सिफारिश की गई है। वीरवार को कर्नाटक व तामिलनाडु से किसानों का बड़ा जत्था खनौरी किसान मोर्चे पर पहुंचा। उन्होंने डल्लेवाल से मुलाकात करके उनका हालचाल जाना।





