दुर्ग: मानव उत्थान सेवा समिति द्वारा गुरु पूर्णिमा का भव्य आयोजन दुर्ग के मरोदा स्थित श्री हंस योग आश्रम में धूमधाम से किया गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन, सत्संग और गुरु वंदना के माध्यम से गुरु के प्रति अपनी आस्था और समर्पण प्रकट किया। पूरा आश्रम भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो गया।
गुरु की महिमा का किया गुणगान
कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में भुनेश्वरी बाई जी ने उपस्थित होकर श्रद्धालुओं को अपने विचारों से लाभान्वित किया। उन्होंने गुरु के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जीवन में गुरु की भूमिका एक दीपक की तरह होती है, जो अज्ञानता के अंधकार को हटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाता है। गुरु ही शिष्य को जीवन के सही मार्ग पर चलना सिखाते हैं और आध्यात्मिक चेतना की ओर ले जाते हैं।
राजनेताओं ने भी व्यक्त की श्रद्धा
गुरु पूर्णिमा के इस कार्यक्रम में भाजपा के ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर और भाजपा जिलाध्यक्ष पुरुषोत्तम देवांगन भी सम्मिलित हुए। दोनों नेताओं ने सत्संग के माध्यम से गुरु और भगवान के अभेद स्वरूप को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि गुरु और भगवान में कोई अंतर नहीं होता, दोनों ही सदैव अपने भक्तों और शिष्यों का मार्गदर्शन करते हैं और उनका कल्याण चाहते हैं।
भक्ति और साधना का अनूठा संगम
इस आयोजन में श्रद्धालुजन बड़े उत्साह के साथ भजन-कीर्तन में लीन दिखाई दिए। सत्संग के दौरान श्री सतपाल जी महाराज के उपदेशों और जीवन दर्शन पर भी विचार प्रस्तुत किए गए, जिससे उपस्थित जनसमूह को आध्यात्मिक ऊर्जा और प्रेरणा मिली। कार्यक्रम का उद्देश्य गुरु-शिष्य परंपरा की महत्ता को पुनः जागृत करना और समाज में आध्यात्मिक चेतना का प्रसार करना था।
गुरु पूर्णिमा महोत्सव का यह आयोजन एक सुंदर आध्यात्मिक संगम के रूप में सामने आया, जिसमें श्रद्धा, भक्ति और ज्ञान की त्रिवेणी प्रवाहित होती नजर आई।





