जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया। इस हमले के बाद शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने कई गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने न सिर्फ केंद्र सरकार की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए, बल्कि बागेश्वर धाम के धीरेंद्र शास्त्री पर भी तंज कसा।
आतंकियों ने 40 मिनट तक मचाया कहर
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने साफ तौर पर पूछा कि आखिर आतंकवादी इतने लंबे समय तक खुलेआम कैसे घूमते रहे? हमला करीब 40 मिनट तक चला और उसके बाद आतंकी आसानी से फरार भी हो गए। उन्होंने कहा कि अगर हम अपने देश के भीतर छिपे दुश्मनों को पहचानने में असफल रहे, तो देश की सुरक्षा पर सिर्फ बातें ही होती रहेंगी।
“पहले से क्यों नहीं थी जानकारी?”
स्वामी जी ने सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर हमले के तुरंत बाद आतंकियों की पहचान हो सकती है, तो फिर हमला होने से पहले यह जानकारी क्यों नहीं मिली? उन्होंने पूछा कि ऐसी बड़ी सुरक्षा चूक आखिर कैसे हो सकती है?
धीरेंद्र शास्त्री पर तंज
जब स्वामी जी से धीरेंद्र शास्त्री के ‘चिट सिस्टम’ के बारे में सवाल किया गया, तो उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा –
“जब धीरेंद्र शास्त्री हर किसी के भविष्य की पर्ची निकाल सकते हैं, तो आतंकवादियों की पर्ची क्यों नहीं निकाली?”
उन्होंने कहा कि देश की जनता भी यही चाहती है कि ऐसी घटनाओं की भी पहले से भविष्यवाणी हो, ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके।
हिंदू राष्ट्र और ‘हिंदू गांव’ की बहस
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने धीरेंद्र शास्त्री के “हिंदू राष्ट्र” के एजेंडे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि जिस गांव को ‘हिंदू गांव’ घोषित किया गया, वहां पहले से ही बागेश्वर धाम का वर्चस्व था। फिर नया तमगा लगाने की जरूरत क्यों पड़ी?
निष्कर्ष:
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के सवाल सीधे-सीधे देश की सुरक्षा व्यवस्था और धार्मिक नेतृत्व के दावों पर चोट करते हैं। पहलगाम हमला यह सोचने पर मजबूर कर देता है कि क्या हमें आतंरिक सुरक्षा तंत्र को और मजबूत करने की जरूरत है?
जरूरी सवाल यह है: क्या हम सही मुद्दों पर ध्यान दे रहे हैं, या फिर भावनाओं में बहकर असली समस्याओं से नजरें चुरा रहे हैं?
जामा मस्जिद विवाद: बालमुकुंद आचार्य का माफी वीडियो वायरल, क्या होगा अगला कदम?





