Report: Upendra kumawat
Dhar (कुक्षी): जिले के कुक्षी थाना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम कुड़दीपूरा में आज उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक विशाल तेंदुआ गांव के करीब ही नीम के घने पेड़ पर चढ़ा हुआ पाया गया। तेंदुए की मौजूदगी की खबर जंगल में आग की तरह फैली, जिससे ग्रामीणों में डर और उत्साह का मिला-जुला माहौल देखने को मिला। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है।
खतरे से बेखबर युवा और बच्चों का कौतूहल
Dhar आमतौर पर तेंदुए को देखते ही लोग जान बचाकर भागते हैं, लेकिन कुड़दीपूरा में नजारा कुछ अलग था। पेड़ पर बैठे तेंदुए को देखकर बड़ी संख्या में ग्रामीण और बच्चे वहां जमा हो गए। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में कुछ उत्साही युवक तेंदुए को ‘हाय-हेलो’ करते और मोबाइल से वीडियो बनाते नजर आए। हालांकि, मौके पर मौजूद बुजुर्गों ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए लोगों को इस हिंसक वन्यजीव से दूरी बनाए रखने की चेतावनी दी।
रेस्क्यू ऑपरेशन में वन विभाग के सामने बड़ी चुनौती
Dhar सूचना मिलते ही कुक्षी वन विभाग की टीम मौके पर पहुँच गई। विभाग के सामने सबसे बड़ी चुनौती तेंदुए की स्थिति है। तेंदुआ नीम के पेड़ की काफी ऊंचाई पर और घनी टहनियों के बीच बैठा है, जिसके कारण टीम असमंजस में है। विशेषज्ञों का कहना है कि ऊंचाई पर बैठे तेंदुए को ट्रेंकुलाइज (बेहोश) करना जोखिम भरा हो सकता है, क्योंकि गिरने से उसे चोट लग सकती है। वन विभाग सुरक्षित रेस्क्यू के लिए अलग-अलग विकल्पों पर विचार कर रहा है।
सिमटते जंगल और रिहायशी इलाकों में वन्यजीव
Dhar क्षेत्र में आए दिन तेंदुओं के दिखने का मुख्य कारण पर्यावरण संतुलन का बिगड़ना माना जा रहा है। जानकारों का कहना है कि सरदार सरोवर बांध परियोजना की डूब और जंगलों की अंधाधुंध कटाई के कारण वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास उजड़ गए हैं। आशियाना छिन जाने के कारण ये हिंसक जीव अब रिहायशी इलाकों की ओर रुख कर रहे हैं। यह स्थिति न केवल इंसानों के लिए जानलेवा है, बल्कि वन्यजीवों के अस्तित्व पर भी बड़ा संकट है।
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