रिपोर्टर: विष्णु गौतम
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल ने किया जोरदार प्रदर्शन
दुर्ग में मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर उदयपुर फिल्म को जिले के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित करने की जोरदार मांग को लेकर प्रदर्शन किया। सैकड़ों की संख्या में जुटे युवाओं ने तहसीलदार ढाल सिंह को ज्ञापन सौंपकर अपनी आवाज़ उठाई।
फिल्म का विषय और पृष्ठभूमि
फिल्म उदयपुर फाइल्स राजस्थान के उदयपुर में 28 जून 2022 को दर्जी कन्हैया लाल की निर्मम हत्या की सच्ची घटना पर आधारित है। कन्हैया लाल पर आरोप था कि उनके सोशल मीडिया अकाउंट से एक नेता का विवादित पोस्ट शेयर हुआ था, जिसे उन्होंने सिरे से खारिज किया। इसके बावजूद उन्हें धमकियां मिलीं और सुरक्षा की मांग की गई। लेकिन दो युवक, रियाज अख्तर और गौस मोहम्मद, ग्राहक बनकर उनकी दुकान पर आए और गला रेतकर उनकी हत्या कर दी। इस हत्याकांड का वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामला अब भी अदालत में विचाराधीन है।
प्रदर्शनकारियों की मांग
बजरंग दल के रोहन गुप्ता ने कहा कि यह फिल्म हिंदुओं के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश लेकर आती है और इसे पूरे जिले के सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य सरकार से फिल्म को टैक्स-फ्री करने की भी अपील की ताकि अधिक से अधिक लोग इसे देख सकें।
दूसरे प्रदर्शनकारी, बजरंग दल के खेम लाल सिंह, ने आरोप लगाया कि दुर्ग जिले में यह फिल्म कहीं भी स्थायी रूप से नहीं दिखाई जा रही है और केवल कुछ सिनेमाघरों में एक-दो दिन के लिए ही चलाई गई। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि यह फिल्म देशभक्ति और सामाजिक जागरूकता फैलाने वाली है, इसलिए इसे सभी सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाना चाहिए ताकि युवा इससे प्रेरणा ले सकें।





