BY
Yoganand Shrivastava
Delhi मध्य-पूर्व से आ रही खबरों ने पूरी दुनिया को स्तब्ध कर दिया है। तेहरान में ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला अली खामेनेई के मुख्यालय (हेडक्वार्टर) पर हुए भीषण हमले के बाद तबाही की तस्वीरें सामने आई हैं। इजरायल डिफेंस फोर्सेज (IDF) द्वारा जारी किए गए वीडियो में देखा जा सकता है कि कैसे कभी अभेद्य माना जाने वाला यह परिसर पल भर में मलबे के ढेर में तब्दील हो गया। इस संयुक्त सैन्य कार्रवाई में न केवल खामेनेई, बल्कि उनके परिवार के कई सदस्यों की भी मौत की पुष्टि हुई है।
सटीक खुफिया जानकारी और 30 बमों का प्रहार
Delhi इस ऑपरेशन को अमेरिका और इजरायल की साझा खुफिया रणनीति का परिणाम बताया जा रहा है। रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिकी खुफिया एजेंसियों को तेहरान में एक साथ तीन महत्वपूर्ण बैठकों की जानकारी मिली थी।
- रणनीतिक हमला: जब खामेनेई अपने वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर रहे थे, ठीक उसी वक्त इजरायली लड़ाकू विमानों ने उनके कंपाउंड को निशाना बनाया।
- भीषण बमबारी: बताया जा रहा है कि इस कॉम्प्लेक्स को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने के लिए लगभग 30 गाइडेड बमों का इस्तेमाल किया गया, जिससे वहां मौजूद किसी भी व्यक्ति के बचने की गुंजाइश नहीं रही।
खामेनेई के परिवार का अंत और देशव्यापी शोक
Delhi इस हमले की भयावहता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि खामेनेई के साथ-साथ उनकी बेटी, पोती, बहू और दामाद की भी इस कार्रवाई में जान चली गई है।
- शोक की लहर: इस घटना के बाद ईरान में 40 दिनों के राजकीय शोक और 7 दिनों के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की गई है।
- उत्तराधिकारी की तलाश: सर्वोच्च पद खाली होने के बाद अब नए सुप्रीम लीडर के नाम पर मंथन शुरू हो गया है। मोजतबा खामेनेई और अयातुल्ला मोहसेन अराकी सहित कई बड़े नाम इस दौड़ में शामिल बताए जा रहे हैं।
ट्रंप और नेतन्याहू के कड़े संदेश: “एक युग का अंत”
Delhi इस घटनाक्रम पर वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो गई हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इसे “न्याय की जीत” करार देते हुए कहा कि खामेनेई का अंत न केवल ईरान, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक नए अध्याय की शुरुआत है। वहीं, इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए इसे “आजादी का अवसर” बताया।
Delhi नेतन्याहू ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में आतंकवादी ठिकानों पर हमले और तेज किए जाएंगे। उन्होंने ईरानी नागरिकों से अपील की कि वे इस मौके का फायदा उठाएं और दमनकारी शासन की जंजीरों को तोड़कर सड़कों पर निकलें। उन्होंने कहा कि यह पीढ़ी में एक बार मिलने वाला अवसर है जिसे व्यर्थ नहीं जाने देना चाहिए।
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