Damoh मध्य प्रदेश शासन द्वारा प्रदेश में पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त उपलब्धता के दावों के बावजूद दमोह जिले में स्थिति अनियंत्रित होती दिख रही है। जिले के पेट्रोल पंपों पर उपभोक्ताओं की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसका फायदा उठाकर अब जमाखोरों और कालाबाजारी करने वालों ने सक्रियता बढ़ा दी है।
Damoh कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर खुद मैदान में
बिगड़ती स्थिति को देखते हुए दमोह जिला कलेक्टर सुधीर कुमार कोचर स्वयं मोर्चा संभाले हुए हैं। वे लगातार पंपों का निरीक्षण कर रहे हैं और आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दे रहे हैं। हालांकि, प्रशासनिक सक्रियता के बावजूद जमीनी स्तर पर शासन की गाइडलाइन का पालन होता नजर नहीं आ रहा है।

Damoh प्लास्टिक की केनों में भरा जा रहा पेट्रोल, नियमों की धज्जियाँ
रिपोर्ट के अनुसार, पंप मालिकों की मिलीभगत से जमाखोर सक्रिय हैं।
- अवैध संग्रहण: पंपों से नियमों के विरुद्ध प्लास्टिक की केनों और ड्रमों में पेट्रोल-डीजल भरकर ले जाया जा रहा है।
- आम जन परेशान: जहाँ रसूखदार और जमाखोर स्टॉक कर रहे हैं, वहीं अपनी बारी का इंतजार कर रहे आम नागरिक घंटों कतार में खड़े होने के बाद भी खाली हाथ लौटने को मजबूर हैं।
- प्रशासनिक चुप्पी पर सवाल: खुलेआम हो रही इस जमाखोरी पर स्थानीय अमले की चुप्पी ने आम जनता के बीच भारी असंतोष पैदा कर दिया है।
Damoh अफवाह बनाम हकीकत
खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग पहले ही स्पष्ट कर चुका है कि डिपो से आपूर्ति निरंतर जारी है और स्टॉक की कोई कमी नहीं है। इसके बावजूद दमोह में मची यह ‘पैनिक बाइंग’ (घबराहट में खरीदारी) कालाबाजारी को बढ़ावा दे रही है। पंप मालिकों द्वारा निर्धारित कोटे से अधिक तेल देने और अवैध कंटेनरों में भरने से स्थिति और भी गंभीर हो गई है।
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