BY: Yoganand Shrivastva
मुरैना, मध्य प्रदेश सरकार में कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में घिर गए हैं। मुरैना जिले के काशीपुर गांव में आयोजित एक जनसभा के दौरान मंत्री ने कांग्रेस प्रत्याशी पर तंज कसते हुए ऐसी टिप्पणी की, जिसे विपक्ष ने अराजकता फैलाने वाला और आपत्तिजनक बताया है।
क्या कहा कृषि मंत्री ने?
जनसभा के दौरान कंषाना ने मुरैना लोकसभा सीट से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे सत्यपाल सिंह नीटू सिकरवार पर निशाना साधते हुए कहा:
“हमारे सांसद जाति से ठाकुर और स्वभाव से बनिया हैं। अगर इन्हें कोई गाली भी दे तो ये गड़ा हुआ पत्थर उखाड़ेंगे। लेकिन कांग्रेस के जिन उम्मीदवारों को आप चुनते, वे गड़ा पत्थर नहीं उखाड़ते, बगल में रखा कट्टा सीधा निकालकर दे मारते। उनका चरित्र ही ऐसा है।”
कंषाना का यह बयान मुरैना के काशीपुर गांव में 50 लाख की लागत से बनने वाली चौपाल के भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान दिया गया, जहां वे भाजपा सांसद शिवमंगल सिंह तोमर के साथ पहुंचे थे।
कांग्रेस का पलटवार: “घबराए हुए हैं मंत्री”
कांग्रेस नेता और मुरैना से पूर्व प्रत्याशी सत्यपाल सिंह नीटू सिकरवार ने कंषाना के बयान को “राजनीतिक डर” का परिणाम बताया। उन्होंने कहा:
“मंत्री जी का यह बयान उनके चरित्र और मानसिकता को दर्शाता है। हाल ही में भाजपा ने अपने मंत्रियों और विधायकों के लिए पचमढ़ी में आचरण शिविर आयोजित किया था, लेकिन लगता है मंत्री जी वहां से कुछ सीखकर नहीं लौटे।”
सिकरवार ने यह भी आरोप लगाया कि चूंकि उनका और कंषाना के परिवार का सुमावली विधानसभा में लंबे समय से चुनावी मुकाबला रहा है, इसीलिए कंषाना राजनीतिक असुरक्षा महसूस कर रहे हैं।
बयान पर विपक्ष का आक्रोश
विपक्षी दलों ने इस बयान को अशोभनीय, भड़काऊ और आपराधिक मानसिकता को बढ़ावा देने वाला करार दिया है। कुछ नेताओं ने चुनाव आयोग और राज्यपाल से संज्ञान लेकर कार्रवाई की मांग भी की है। सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद भाजपा के भीतर भी कुछ नेताओं ने इस पर चुप्पी साध ली है।
पिछले बयानों से भी विवादों में रहे हैं कंषाना
यह पहली बार नहीं है जब कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना अपने बयानों को लेकर विवादों में आए हों। हाल ही में जब राज्य में खाद संकट को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने कहा:
“खाद का वितरण सहकारिता विभाग करता है। बताइए किस जगह समस्या है?”
इस जवाब पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने तीखी प्रतिक्रिया दी और कहा कि “एक मंत्री का ऐसा अल्पज्ञान देखना दुखद है, जो इतने महत्वपूर्ण विभाग का जिम्मा संभाल रहा है।”





