Bhopal मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गुरुवार को मध्यप्रदेश विधानसभा भवन परिसर में प्रदेश के प्रथम विधानसभा अध्यक्ष स्व. पं. कुंजीलाल दुबे की 130वीं जन्म जयंती के अवसर पर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की। इस दौरान मुख्यमंत्री ने स्व. दुबे के संसदीय योगदान और हिंदी भाषा के प्रति उनके प्रेम को याद किया।

Bhopal संसदीय परंपराओं के शिल्पी थे स्व. पं. दुबे
श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि पं. कुंजीलाल दुबे का कार्यकाल मध्यप्रदेश के संसदीय इतिहास का स्वर्ण युग था।

- हिंदी को दिलाया सम्मान: विधानसभा अध्यक्ष के रूप में उन्होंने सदन की कार्यवाही और विधायी कार्यों में हिंदी भाषा को प्रतिष्ठित स्थान दिलाने में ऐतिहासिक योगदान दिया।
- तीन बार संभाली कमान: वे मध्यप्रदेश की प्रथम (1956-57), द्वितीय (1957-62) और तृतीय विधानसभा (1962-67) में लगातार तीन बार अध्यक्ष रहे, जो उनकी कार्यकुशलता और निष्पक्षता का प्रमाण है।
Bhopal सम्मान और उपलब्धियां
मुख्यमंत्री ने स्व. दुबे के शैक्षिक और सामाजिक योगदान का उल्लेख करते हुए बताया कि:

- पद्मभूषण: समाजोन्मुखी सेवाओं के लिए उन्हें वर्ष 1964 में ‘पद्मभूषण’ से सम्मानित किया गया था।
- विद्वता: उन्हें 1965 में LLD की उपाधि मिली, वहीं 1967 में विक्रम विश्वविद्यालय ने उन्हें D-Litt की मानद उपाधि से विभूषित किया था।
Bhopal जीवन परिचय पर एक नजर
| विवरण | जानकारी |
| जन्म | 19 मार्च 1896 |
| जन्म स्थान | ग्राम आमगांव, जिला नरसिंहपुर (म.प्र.) |
| पेशा | सुप्रसिद्ध अधिवक्ता (वकालत) |
| पहचान | मध्यप्रदेश विधानसभा के प्रथम अध्यक्ष |
Bhopal गरिमामयी उपस्थिति
पुष्पांजलि कार्यक्रम के दौरान वर्तमान विधानसभा अध्यक्ष श्री नरेन्द्र सिंह तोमर, विधायक भगवानदास सबनानी, विधानसभा के प्रमुख सचिव अरविन्द शर्मा सहित स्व. पं. दुबे के परिजन और विधानसभा के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।





