नई दिल्ली: अमेज़न की हालिया छंटनी को लेकर कॉर्पोरेट जगत में तीखी प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। Complete Circle के CIO गुरमीत चड्ढा ने इस फैसले की कड़ी आलोचना की और AI आधारित छंटनी को बेकार बताया।
गुरमीत चड्ढा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पहले ट्विटर) पर अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए लिखा,
“अमेज़न ने नवंबर में 18,000 कर्मचारियों की छंटनी की थी, और अब 10,000 और लोगों को निकाल रहा है। वे अपने HR प्रमुखों को ‘People Experience Head’ और ‘Chief People Officer’ जैसे भव्य नाम देते हैं… कर्मचारियों को ‘परिवार’ कहा जाता है। सब ड्रामा है!!”
AI और छंटनी पर उठाए सवाल
चड्ढा ने अपने पोस्ट में इस बात पर भी सवाल उठाया कि अगर AI लोगों के लिए दुख और बेरोजगारी लेकर आ रहा है, तो ऐसी तकनीक का क्या फायदा? उन्होंने कहा कि जब टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल व्यक्तिगत हितों और कंपनियों के मुनाफे के लिए किया जाता है, तो यह कर्मचारियों के भविष्य के लिए खतरनाक साबित होता है।
अमेज़न की लगातार हो रही छंटनी
अमेज़न ने हाल के महीनों में कई हजार कर्मचारियों की छंटनी की है, जिससे वैश्विक स्तर पर अस्थिरता बढ़ी है। कंपनी ने इससे पहले 2022 और 2023 में भी बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिक्स, क्लाउड और HR विभागों से कर्मचारियों को निकाला था।
हालांकि, अमेज़न का कहना है कि छंटनी कंपनी की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने और AI तथा ऑटोमेशन को अधिक प्रभावी बनाने के लिए की जा रही है। लेकिन कर्मचारियों और कई विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल मुनाफे को बढ़ाने का तरीका है, जिसमें कर्मचारियों के भविष्य की चिंता नहीं की जा रही।
कॉर्पोरेट दुनिया पर उठे सवाल
गुरमीत चड्ढा जैसे कई उद्योग विशेषज्ञों का मानना है कि कॉर्पोरेट कंपनियाँ एक तरफ कर्मचारियों को ‘परिवार’ कहती हैं, और दूसरी तरफ बेरहमी से छंटनी करती हैं। इस दोहरे रवैये से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ रहा है और यह कंपनियों की छवि पर भी असर डाल रहा है।
आगे क्या होगा?
अमेज़न की छंटनी पर बढ़ती आलोचनाओं के बावजूद, टेक इंडस्ट्री में AI के बढ़ते उपयोग से आने वाले वर्षों में और भी ऑटोमेशन और छंटनी देखने को मिल सकती है। क्या सरकारें और कंपनियाँ मिलकर कर्मचारियों के लिए कोई स्थायी समाधान निकालेंगी, यह देखने वाली बात होगी।
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