रिपोर्ट- बॉबी अली, छतरपुर, एडिट- विजय नंदन
छतरपुर: ज़िले के बकस्वाहा विकासखंड में किसानों की शिकायतों के बाद प्रशासन ने खाद की कालाबाजारी पर बड़ी कार्रवाई की है। शनिवार को ग्राम बाजना में नायब तहसीलदार सुनील कुमार केवट और कृषि विभाग की टीम ने औचक निरीक्षण कर मधुवन खाद एजेंसी और जनता कृषि केंद्र को मौके पर ही सील कर दिया।
किसानों की शिकायत पर हुई कार्रवाई
किसानों ने प्रशासन को बताया था कि बाजना के निजी वितरण केंद्र निर्धारित मूल्य से अधिक दर पर खाद बेच रहे हैं। शिकायत के अनुसार, वितरक किसानों से प्रति बोरी 1,800 रुपये तक वसूलते थे और उचित मूल्य मांगने पर खाद देने से इनकार कर देते थे। हाल ही में खाद की बोरी ट्रक में लोड होते हुए एक वीडियो वायरल होने के बाद किसानों ने सख्त कार्रवाई की मांग की थी।

निरीक्षण में मिलीं गड़बड़ियां
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को रिकॉर्ड और वास्तविक स्टॉक में भारी अंतर मिला। दोनों दुकानों पर पीओएस मशीन भी नहीं मिली। गड़बड़ियां स्पष्ट रूप से सामने आने पर नायब तहसीलदार ने दोनों दुकानों को सील कर दिया और जांच प्रतिवेदन उच्च अधिकारियों को भेज दिया।
प्रशासन का बयान
नायब तहसीलदार सुनील कुमार केवट ने कहा,
“जांच में अनियमितताएं साफ मिलीं। किसानों की शिकायतें सही पाई गईं। इसलिए दोनों दुकानों को सील कर उच्च अधिकारियों को रिपोर्ट भेजी गई है।”
इस कार्रवाई से क्षेत्र के किसानों में संतोष है और प्रशासन ने चेतावनी दी है कि खाद वितरण में किसी भी प्रकार की कालाबाजारी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। छतरपुर ही नहीं सिस्टम में भ्रष्टाचार और कमीशनखोरी के कारण अन्य जिलों में भी खाद की किल्लत की शिकायतें सामने आई हैं।
खाद की कमी की शिकायतें इन जिलों से आईं
- भोपाल (बैरसिया क्षेत्र) – गोदाम में छापा, निर्धारित मूल्य से ज़्यादा दाम पर खाद बेचने का मामला।
- शहडोल – दो सोसायटी प्रबंधक सस्पेंड, यूरिया की कालाबाजारी की शिकायत।
- शिवपुरी – फर्जी DAP खाद फैक्ट्री पकड़ी गई, दुकानदारों पर कार्रवाई।
- छतरपुर – किसानों की शिकायत पर गोदाम में छापा, खाद जमाखोरी मिली।
- निवाड़ी – चार मंडी कर्मचारियों और एक व्यापारी पर एफआईआर, स्टॉक रिकॉर्ड में गड़बड़ी।
- जबलपुर – यूरिया और डीएपी खाद के हेरफेर का मामला, लाखों का स्टॉक गायब।
- रीवा – वितरण केंद्रों पर छापे, अनियमितताएं पाई गईं।
- अन्य जिले – भिंड, मुरैना, नर्मदापुरम, रायसेन, खंडवा और बरवानी में किसानों ने डीएपी/यूरिया की कमी और कालाबाज़ारी के विरोध में प्रदर्शन किए।





