रिपोर्टर: आज़ाद सक्सेना
दंतेवाड़ा जिले के बचेली स्थित नेशनल मिनरल डेवलपमेंट कॉरपोरेशन यानी एनएमडीसी की डिपॉजिट नंबर 5 में अधिकारियों की कथित लापरवाही के चलते एक बड़ी दुर्घटना हो गई। बताया जा रहा है कि वेस्ट माइनिंग का कार्य एक निजी कंपनी के माध्यम से कराया जा रहा था। इसी दौरान खदान के ऊपरी हिस्से में ब्लू डस्ट यानी लौह अयस्क के महीन चूर्ण पर पोकलेन मशीन से सड़क निर्माण का काम चल रहा था, तभी अचानक मशीन करीब 300 मीटर नीचे जा गिरी और ब्लू डस्ट में धंस गई।

ChattisgarhNews:घायल हुआ ऑपरेटर
हादसे के समय पोकलेन ऑपरेटर वेद प्रकाश पांडेय मशीन के अंदर ही मौजूद थे। गंभीर रूप से घायल ऑपरेटर को तुरंत बचेली के अपोलो अस्पताल पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हैदराबाद रेफर कर दिया गया है।
ChattisgarhNews:खड़े हो रहे सवाल
घटना के बाद अधिकारी कुछ भी कहने से बच रहे हैं। हालांकि, ब्लू डस्ट में धंसी पोकलेन मशीन को भारी मशीनरी की मदद से बाहर निकाल लिया गया है। अब बड़ा सवाल यह है कि जब माइनिंग अधिकारियों को ब्लू डस्ट में काम करने के संभावित खतरे की जानकारी थी, तो बिना बेंच कटिंग के इस तरह जल्दबाज़ी में काम क्यों कराया गया? क्या यह महज एक हादसा है या फिर लापरवाही का नतीजा? फिलहाल पूरे मामले को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
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